बसपा नेता शशिकांत तिवारी की कार पर हमला, लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से तोड़फोड़ का आरोप
अमेठी। गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) नेता शशिकांत तिवारी की कार पर कथित रूप से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि रात के समय बाइक सवार कुछ युवकों ने उनकी कार को घेर लिया और लाठी-डंडों तथा ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। घटना में कार के शीशे क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है। मामले के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।बताया जा रहा है कि घटना बीती रात करीब 10:30 बजे की है। शशिकांत तिवारी अपने घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में बाइक सवार युवकों ने उनकी कार को रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने कार पर लाठी-डंडों से हमला करने के साथ ही ईंट-पत्थर भी चलाए। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगों के पहुंचने पर हमलावर मौके से फरार हो गए। हमले में कार को नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई। पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस को शिकायत दिए जाने की बात सामने आई है।
विधायक के करीबियों पर लगाए गंभीर आरोप
बसपा नेता शशिकांत तिवारी ने इस घटना के पीछे गौरीगंज विधायक के करीबियों का हाथ होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि राजनीतिक विरोध के चलते उनके साथ हमला कराया गया। हालांकि, लगाए गए आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। शशिकांत तिवारी ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि राजनीतिक विरोध के कारण इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जाता है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।घटना के बाद गौरीगंज कोतवाली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही घटना के समय वहां मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना के समय मौके पर कौन-कौन लोग मौजूद थे और कार पर हमला करने वाले युवकों की पहचान कैसे की जा सकती है।
फिलहाल घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। एक तरफ बसपा नेता ने विधायक के करीबियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस की जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कार पर हमला किसने किया और घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
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