मतदाता सूची को पारदर्शी व त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा के निर्देशन में उन जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जो जून एवं सितंबर 2025 में आयोजित पूर्व प्रशिक्षण सत्रों में सम्मिलित नहीं हो सके थे।
यह प्रशिक्षण मंगलवार को उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम), लखनऊ में प्रातः 10 बजे से प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम में चित्रकूट, बलरामपुर, बस्ती, हाथरस, श्रावस्ती एवं कौशांबी सहित छह जनपदों के जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा विभिन्न जनपदों के 55 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के निर्माण, संशोधन एवं पुनरीक्षण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, त्रुटिरहित तथा समयबद्ध बनाना रहा। अधिकारियों को संवैधानिक एवं वैधानिक प्रावधानों, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, निर्वाचक नामावली नियमावली तथा भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 की कार्यवाही, नोटिस चरण, सुनवाई प्रक्रिया एवं नियमों के अनुपालन पर गहन चर्चा की गई। साथ ही ईआरओ नेट प्रणाली, बीएलओ ऐप एवं मतदाता सूची प्रबंधन से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के व्यावहारिक उपयोग पर भी अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।
नाम जोड़ने, हटाने, संशोधन करने तथा शिकायतों के प्रभावी निस्तारण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के उपाय विस्तार से बताए गए। हेल्पलाइन 1950 के माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों के समाधान, बीएलओ की भूमिका तथा पोलिंग स्टेशनों के युक्तिकरण से संबंधित विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।
प्रशिक्षण के सैद्धांतिक सत्र प्रातःकाल में तथा ईआरओ नेट, बीएलओ ऐप एवं शिकायत निस्तारण प्रणाली का व्यावहारिक प्रशिक्षण अपराह्न में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के समापन पर प्रशिक्षण की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने हेतु अधिकारियों का मूल्यांकन भी किया गया।
यह पहल निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता और प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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