अंबेडकरनगर। जनपद के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में नए साल 2026 की शुरुआत पुलिस के लिए चुनौती और जनता के लिए दहशत भरी रही है जनवरी माह में चोरों ने महज तीन हफ्तों के भीतर तीन बड़ी वारदातों को अंजाम देकर कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं किसानों और व्यापारियों को निशाना बनाकर चोरों ने लगभग 13 लाख रुपये (नगदी व जेवरात) पर हाथ साफ किया, लेकिन कोतवाली पुलिस अब तक एक भी मामले का खुलासा करने में नाकाम रही है।वारदात दर वारदात: चोरों के निशाने पर रहा अकबरपुर चोरों ने योजनाबद्ध तरीके से 21 दिनों के भीतर तीन अलग-अलग क्षेत्रों में बड़ी चोरियां कीं 3 जनवरी: चनवा चौराहे पर स्थित 'महेश एंड संस ज्वैलर्स' की दुकान का ताला टूटा। यहाँ से चोरों ने 20 हजार नगदी और हजारों के चांदी के जेवर पार कर दिए। 4 जनवरी को मुकदमा तो दर्ज हुआ, लेकिन सुराग अब तक नहीं मिला।
14 जनवरी: मेदीपुर गाँव में चोरों ने तांडव मचाया। एक ही रात में तीन किसानों (जगराम यादव, रामकरन और राजेश यादव) के घरों को निशाना बनाया गया। यहाँ से 60 हजार नगदी और करीब 5 लाख के जेवर चोरी हुए 26 जनवरी: सबसे चौंकाने वाली घटना कोतवाली से मात्र 200 मीटर की दूरी पर हुई। अकबरपुर-टांडा मार्ग पर कविता तिवारी के मकान से चोरों ने 50 हजार नगदी और 4 लाख के जेवरात उड़ा लिए। गणतंत्र दिवस की सुरक्षा के दावों के बीच हुई इस चोरी ने पुलिसिया गश्त की पोल खोल दी है पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठते सवाल घटनाओं को बीते लगभग एक महीना होने को है, लेकिन पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं। स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि कोतवाली के इतने करीब चोरी होने के बावजूद पुलिस अंधेरे में है। रात्रि कालीन गश्त केवल कागजों तक सीमित नजर आ रही है।
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