कलियुग में गुरु आज्ञा के पालन से ही मानव जीवन का उद्धार संभव
अमेठी। विकासखंड सिंहपुर अंतर्गत टिकरी के भुलैया पुरवा गांव में एक दिवसीय सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। यह सत्संग जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के संचालक उमाकांत तिवारी की प्रेरणा से आयोजित किया गया था। सत्संग का वाचन कर रहे सत्यनारायण सिंह सुल्तानपुर ने बताया कि कलियुग में गुरु की महिमा को कोई जान ही नहीं सकता। गुरु का शाब्दिक अर्थ ही अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का है। आत्मज्ञानी सतगुरु ही मनुष्य जीवन का कल्याण कर सकता है। मनुष्य का जीवन घोर मायामोह से ढका हुआ है माया का पर्दा सच्चे ज्ञान से मनुष्य को कोसों दूर रखने का प्रयास करता है जबकि आत्मज्ञानी संतो की शरण में पहुंचने पर इस माया के पर्दे को तोड़ने का उपाय मनुष्य को मिल जाता है और आसानी से मनुष्य आत्मकल्याण कर लेता है। भुलैया पुरवा निवासी सत्संगी राम शरण रावत बताते हैं कि जब से उमाकांत तिवारी जी के प्रवचन सुना है अपने आप को उन्हीं के समर्पित कर दिया है। अपने अनुभव को शेयर करते हुए राम शरण कहते हैं कि मेरी सारी इच्छाएं पूर्ण हो रही है और मुझे आंतरिक सुख की अनुभूति ने मेरी आस्था को और बढ़ा दिया है। आस्थावान डब्लू शुक्ला ने अपने अनुभव को शेयर करते हुए बताया कि क्षेत्र में होने वाले सत्संगो में पहुंच कर बहुत आत्मिक शांति का अनुभव होता है। मेरा पूरा प्रयास रहता है कि कोई सत्संग न छूटे और ज्यादा से ज्यादा लोगों को संस्था से जोड़कर उनका कल्याण किया जाए। सत्संग में रघुराज, रामकुमार, रामफेर, राम सेवक, संदीप, पूर्णवासी, संजय सिंह, कौशिल्या सिंह, प्रदीप गोलू, अरुण, राजाराम, रतिपाल आदि लोग मौजूद थे।
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