जर्जर सड़क बनी मुसीबत, राजा मऊ पुल से तिलोई मार्ग पर मंडराता रहता है हादसों का खतरा
अमेठी। सड़कें विकास का आईना मानी जाती हैं, लेकिन अमेठी की तिलोई विधानसभा क्षेत्र में राजा मऊ पुल से तिलोई की ओर जाने वाली मुख्य सड़क बदहाली की दास्तां बयां कर रही है। करीब चार वर्षों से इस मार्ग की समुचित मरम्मत न होने के कारण सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है और गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है। राहगीरों के लिए यह रास्ता किसी जोखिम से कम नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डामर पूरी तरह गायब हो चुका है। सड़क पर उभरे पत्थर और बड़े-बड़े गड्ढे आए दिन दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बाइक सवार गिरकर चोटिल हो चुके हैं। बारिश के दौरान हालात और गंभीर हो जाते हैं, जब गड्ढे पानी से भर जाते हैं और उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में एंबुलेंस को भी जूझना पड़ता है। स्कूली बच्चों और शिक्षकों के लिए रोज इस मार्ग से गुजरना मजबूरी है। अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान लोगों ने प्रशासनिक अनदेखी पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि चुनाव के समय सड़क निर्माण और मरम्मत के वादे किए जाते हैं, लेकिन कार्यवाही नहीं होती। हालांकि इस बार जब से तिलोई विधायक मयंकेश्वर सिंह ने मंत्री पद संभाला है काफी हद तक सुधार भी हुआ है। लोगों का कहना है अगर विभागीय लापरवाही बंद हो जाए तो तिलोई विधानसभा की सड़के बेहतर हो जाएं। कई बार संबंधित विभाग को शिकायत दी गई, पर समाधान नहीं निकला। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि जिम्मेदार विभाग तत्काल निरीक्षण कराकर सड़क का पुनर्निर्माण कराए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और विकास के दावों को जमीन पर उतारा जा रहा है।
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