कुकहा में धूमधाम से मनाई गई बौद्ध पूर्णिमा, बुद्धिजीवियों ने बताई बौद्ध शिक्षाएं
अमेठी। तिलोई क्षेत्र के सिंहपुर ब्लॉक अंतर्गत कुकहा रामपुर में धूमधाम से मनाई गई बौद्ध पूर्णिमा। शुक्रवार को बौद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सुबह से ही कुकहा गांव में बौद्ध जयंती को लेकर हलचल देखने को मिली। अंजनी मौर्य और संजय मौर्य के अथक प्रयासों ने इस अवसर को कुकहा गांव में यादगार बना दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सेवा निवृत शिक्षक बाबूलाल रावत ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को शिक्षा का अधिकार है इसीलिए अपने बच्चों को शिक्षित जरूर कराएं। जब आपका बच्चा शिक्षित होगा तभी वह तथाकथित भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को समझेगा और समाज को जागरूक करेगा। मंच संचालन कर रहे राम कुमार गौतम ने बताया कि आज बौद्ध पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था, इसी दिन भगवान बुद्ध को ज्ञान भी प्राप्त हुआ और इसी दिन परिनिर्वाण भी हुआ। मतलब साफ है कि सारा बदलाव स्वयं से ही होता है। हर व्यक्ति को समाज में बदलाव लाने से पहले स्वयं में बदलाव लाना पड़ेगा। सेवा निवृत शिक्षक देव नारायण ने कहा कि जब मानव- मानव में भेदभाव बढ़ा तब एक महलों का राजकुमार सन्यासी के भेष में बौद्ध का रूप धारण कर मानव के बीच प्रेम, सद्भावना और सम्मान बढ़ाने के लिए समाज के बीच आया और समाज को एक नई चेतना देकर चला गया आज उन्हीं के विचारों को लेकर हम सब यहां कार्यक्रम में आए हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में शोषित वंचित समाज अपने महापुरुषों के संघर्षों को भूल गया है। यही कारण है कि आज का समाज अपने लक्ष्य से भटक गया है। रामदेव मौर्य इंटर कॉलेज के शिक्षक हनुमान प्रसाद विक्रम ने बताया अपने अभिभाषण में कहा कि बाबा साहब अंबेडकर को पूजने की बजाय उनके बताए हुए सिद्धांतों और नियमों को मानने की जरूरत है। जब समाज पढ़ेगा तभी आगे बढ़ेगा इसी लक्ष्य को लेकर सबको आगे बढ़ना है इसके लिए हम सभी को आर्थिक स्थिति से कमजोर लोगों की मदद करने की जरूरत है। लोकगीत सुप्रसिद्ध गायक प्रदीप मौर्य ने अपने गीत के माध्यम से संदेश देने का प्रयास किया कि अधूरे ज्ञान से कोई भी व्यक्ति अपने अधिकारों को नहीं जान पाएगा इसीलिए पढ़ना जरूरी है। कार्यक्रम में साहेब शरण भारती, योगेश मौर्य, कुलदीप मौर्य, सोनू मौर्य, संदीप मौर्य, रोहित मौर्य, राम चंद्र मौर्य, अजीत मौर्य, मधु बौद्ध, पूर्व प्रधान संत शरण शर्मा, विनीत मौर्य, शिवराज मौर्य, शिव बहादुर मौर्य, गंगेश प्रजापति, सुंदर लाल मौर्य, राम केवल प्रजापति, राम समझ बौद्ध, शिव चरण गौतम, दीपक आदि लोग मौजूद रहे।
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