पुलिस दीदी के भरोसे शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा का जिम्मा, स्कूल-कॉलेज, कोचिंग व छात्रावासों के आसपास नियमित गश्त
सीवान। जिले के शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है। स्कूल-कॉलेज, कोचिंग संस्थानों और छात्रावासों के आसपास नियमित पुलिस गश्त की जाएगी। इस व्यवस्था में ‘पुलिस दीदी’ की भूमिका छात्राओं और पुलिस के बीच सीधे संपर्क की कड़ी के रूप में होगी। ‘पुलिस दीदी’ के रूप में महिला पुलिस पदाधिकारी और कर्मी शिक्षण संस्थानों में छात्राओं से सीधे संवाद करेंगी। छात्राओं को सुरक्षा से जुड़ी अपनी समस्याएं और शिकायतें बिना झिझक पुलिस तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। महिला पुलिस कर्मी छात्राओं से बातचीत कर छेड़खानी, पीछा करने, धमकी, रास्ते में होने वाली परेशानी, असामाजिक तत्वों की गतिविधि अथवा अन्य सुरक्षा संबंधी शिकायतों की जानकारी लेंगी। शिकायत मिलने पर संबंधित पुलिस पदाधिकारी को इसकी सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। ‘पुलिस दीदी’ छात्राओं को पुलिस की सहायता लेने की प्रक्रिया और उपलब्ध सुरक्षा संसाधनों की जानकारी भी देंगी। जरूरत पड़ने पर छात्राओं की शिकायत को संबंधित थाना या पुलिस पदाधिकारी तक पहुंचाने में भी भूमिका निभाएंगी।
स्कूल-कॉलेज, कोचिंग संस्थानों और छात्रावासों के आसपास नियमित पुलिस गश्त की जाएगी। छात्र-छात्राओं की आवाजाही वाले स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर पुलिस जांच करेगी और आवश्यक कार्रवाई करेगी। संस्थान प्रबंधन को भी सुरक्षा से जुड़ी किसी घटना या संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने को कहा गया है।
‘पुलिस दीदी’ व्यवस्था में महिला पुलिस कर्मियों की मौजूदगी से छात्राओं को अपनी सुरक्षा संबंधी शिकायत सीधे साझा करने का माध्यम मिलेगा। शिकायत को संबंधित पुलिस इकाई तक पहुंचाना, मामले पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कराना और जरूरत के अनुसार छात्रा को पुलिस सहायता उपलब्ध कराना इस व्यवस्था की प्रमुख भूमिका होगी।
पुलिस प्रशासन ने छात्राओं की सुरक्षा से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेने और सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करने की व्यवस्था की है। शिक्षण संस्थानों में पुलिस की नियमित मौजूदगी और ‘पुलिस दीदी’ के माध्यम से सीधे संवाद से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
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