मोया स्कूल के शिक्षकों की अनूठी मिसाल: अपनी बचत से रोपे 500 पौधे, संकट आया तो कुआँ किराए पर लेकर बचाए 490 पेड़
मोया (मध्य प्रदेश): शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोया के शिक्षक स्टाफ और स्थानीय समुदाय ने पर्यावरण संरक्षण की एक अद्भुत मिसाल पेश की है। पिछले वर्ष 15 अगस्त को 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत स्कूल परिसर में ग्रामीणों, पालकों और छात्रों की जनभागीदारी से 500 फलदार एवं छायादार पौधे रोपे गए थे। इस पूरे अभियान का खर्च शिक्षकों ने अपनी निजी बचत से वहन किया और JCB मशीन से गड्ढे करवाकर 20 से अधिक किस्मों के पौधे लगवाए।
संकट में दिखाई सूझबूझ:
नवंबर माह में स्कूल का बोरवेल सूख जाने से पौधों के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा था। लेकिन शिक्षकों ने हार नहीं मानी। फरवरी माह तक टैंकरों के माध्यम से सिंचाई करने के बाद, ग्रीष्मकाल में पौधों को बचाने के लिए शिक्षकों ने ₹1500 प्रतिमाह की दर पर पास का एक निजी कुआँ किराए पर ले लिया।
शिक्षकों की इस दूरदर्शिता और अनथक प्रयासों का ही परिणाम है कि भीषण गर्मी के बावजूद आज 500 में से 490 पौधे पूरी तरह सुरक्षित और जीवित हैं (98% सफलता दर)। स्कूल कैंपस को प्रकृति से जोड़ने और बच्चों को पर्यावरण का महत्व सिखाने का यह प्रयास आज पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है।
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