मैरवा के सत्यम बने एसडीएम, प्रिंस बने राजस्व अधिकारी
70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता से क्षेत्र में खुशी की लहर, युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत
मैरवा (सीवान)। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के परिणाम ने एक बार फिर मैरवा की प्रतिभा को नई पहचान दिलाई है। मैरवा के दो होनहार युवाओं ने प्रशासनिक सेवा में सफलता प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। सत्यम जैसवाल का चयन उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) पद पर तथा प्रिंस कुमार साह का चयन राजस्व अधिकारी पद पर हुआ है। दोनों की सफलता से नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में खुशी का माहौल है तथा लोगों में गर्व की भावना देखी जा रही है।
सत्यम जैसवाल बने उप-जिलाधिकारी (SDM)
नगर के बिजली बाजार निवासी व्यवसायी सत्येंद्र प्रसाद एवं अनीता देवी के पुत्र सत्यम जैसवाल ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 20वीं रैंक हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। सत्यम की मेधा और लगन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे पूर्व में रेलवे में नौकरी के लिए चयनित हो चुके थे, लेकिन प्रशासनिक सेवा में जाने के अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने उस अवसर को छोड़ दिया। लगातार प्रयास और दृढ़ संकल्प के साथ तीसरे प्रयास में उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण और अथक परिश्रम से किसी भी ऊंचाई को प्राप्त किया जा सकता है।
प्रिंस कुमार साह बने राजस्व अधिकारी
प्रखंड के बिलासपुर गांव निवासी प्रिंस कुमार साह ने भी अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर राजस्व अधिकारी पद पर सफलता हासिल की है। चौधरी साह एवं देवानी देवी के पुत्र प्रिंस की सफलता का सफर निरंतर प्रयास और धैर्य की मिसाल है। प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2015 में बिहार पुलिस कांस्टेबल के रूप में चयनित हुए। इसके बाद रेलवे में ट्रेन मैनेजर तथा पंचायत सचिव के रूप में कार्य करते हुए भी उन्होंने अपने प्रशासनिक सेवा के सपने को जीवित रखा। कठिन परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर अंततः उन्होंने यह उपलब्धि हासिल कर ली।
क्षेत्र में जश्न का माहौल
दोनों युवाओं की सफलता की खबर मिलते ही मैरवा और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। लोगों का कहना है कि सत्यम और प्रिंस की उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है, जो यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
युवाओं के लिए प्रेरक संदेश
सत्यम जैसवाल और प्रिंस कुमार साह की सफलता यह सिद्ध करती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर जारी रहे तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। उनकी उपलब्धि पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है और आने वाली पीढ़ियों को अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा देती रहेगी।
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