शिव शक्ति हॉस्पिटल में इलाज के दौरान हाईकोर्ट अधिवक्ता तरुण कुमार ओझा 'चिंटू' की मौत, लापरवाही बरतने पर डॉक्टर समेत दो पर मुकदमा दर्ज
अमेठी। कमरौली थाना क्षेत्र स्थित शिव शक्ति हॉस्पिटल में इलाज के दौरान हाईकोर्ट लखनऊ के अधिवक्ता तरुण कुमार ओझा उर्फ 'चिंटू' निवासी ग्राम अशरफपुर की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। मामले में पुलिस ने डॉक्टर समेत दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान अस्पताल द्वारा लिखी गई सभी दवाएं और आवश्यक चिकित्सीय सामग्री समय पर उपलब्ध कराई गई, लेकिन मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही। उनका कहना है कि कई बार अनुरोध के बावजूद चिकित्सकों ने समय रहते किसी उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर नहीं किया। आरोप है कि देर शाम लखनऊ ले जाने की सलाह दी गई, जबकि तब तक अधिवक्ता की मौत हो चुकी थी और परिजनों को काफी देर तक उनकी वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं दी गई। हंगामे की सूचना पर कमरौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) सहित कई थानों की पुलिस फोर्स भी अस्पताल पहुंची और परिजनों से बातचीत कर माहौल शांत कराया। पुलिस ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर डॉक्टर समेत दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। समाचार लिखे जाने तक शिव शक्ति हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
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