रायपुर मुठभेड़ में शहीद हुए सुल्तानपुर के लाल एसएसबी सूबेदार आनंद प्रकाश तिवारी
सुलतानपुर। रविवार रात बेटे से फोन पर बात करने के बाद पिता बलराम तिवारी इस उम्मीद में सोए थे कि सुबह फिर बेटे की आवाज सुनेंगे, लेकिन सोमवार भोर उनके लिए जिंदगी की सबसे दर्दनाक खबर लेकर आई। छत्तीसगढ़ के रायपुर में मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से सुलतानपुर के कुड़वार थाना क्षेत्र के नेवरा खादर बसंतपुर गांव निवासी एसएसबी के सूबेदार आनंद प्रकाश तिवारी (33) शहीद हो गए। बेटे की शहादत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
गांव निवासी बलराम तिवारी के तीन बेटों में सबसे छोटे आनंद प्रकाश करीब 15 वर्ष पहले सशस्त्र सीमा बल (SSB) में भर्ती हुए थे। देश सेवा के लिए घर से निकले आनंद की पिछले करीब दो वर्षों से छत्तीसगढ़ के रायपुर में तैनाती थी। रविवार देर शाम उन्होंने ड्यूटी पर जाने से पहले फोन पर पिता से बात की थी। इसके बाद वह अपनी ड्यूटी के लिए रवाना हो गए। सोमवार सुबह करीब 5:20 बजे मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से उनकी मौत की सूचना परिवार तक पहुंची। अचानक मिली बेटे की मौत की खबर सुनकर पिता बलराम तिवारी स्तब्ध रह गए। उन्हें काफी देर तक इस सूचना पर विश्वास नहीं हुआ। बाद में विभागीय अधिकारियों से बातचीत के बाद आनंद की शहादत की पुष्टि हुई। बेटे के अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहे पिता की आंखें अब अपने लाल के पार्थिव शरीर की राह देख रही हैं। शहादत की खबर से पूरे गांव में भी शोक का माहौल है।
आनंद प्रकाश तिवारी की पत्नी प्रियंका तिवारी अपने इकलौते बेटे अनुभव तिवारी (16) के साथ चंडीगढ़ में रहती हैं। अनुभव कक्षा 11 में पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार में बेटे की शहादत की खबर के बाद से मातम पसरा हुआ है। परिजनों के मुताबिक, कमांडेंट से मिली जानकारी के अनुसार आनंद प्रकाश तिवारी का पार्थिव शरीर सोमवार रात करीब 8 बजे विमान से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचेगा। इसके बाद पार्थिव शरीर को सीधे उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा।
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