पुलिस अधिकारी की एडिटेड फोटो-ऑडियो वायरल कर ₹50 हजार रंगदारी मांगने का आरोप
सारण/सिवान। सोशल मीडिया पर पुलिस अधिकारी की कथित एडिटेड तस्वीर, ऑडियो और वीडियो वायरल कर उनकी छवि धूमिल करने तथा सामग्री हटाने के एवज में ₹50 हजार रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। मामले में सारण साइबर थाने में कार्यरत पुलिस अवर निरीक्षक बिनोद कुमार सिंह की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। साइबर थाना में दर्ज मामले का कांड संख्या 183/26 है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 351(3), 351(4) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(e) के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस अधिकारी की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उनके फेसबुक अकाउंट से ली गई वर्दीधारी और सिविल ड्रेस की तस्वीरों को कथित रूप से एडिट कर अन्य लोगों एवं महिलाओं के साथ जोड़ दिया गया। इसके बाद इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
शिकायत में नितेश सिंह सेंगर नामक फेसबुक प्रोफाइल का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि उक्त प्रोफाइल से एडिट की गई तस्वीरें पोस्ट की गईं। वहीं ‘ सिवान टॉकीज’ और ‘मैरवा रिपोर्ट’ नामक फेसबुक पेजों पर भी कथित आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित किए जाने की बात कही गई है।
शिकायत के मुताबिक वायरल पोस्टों में बिनोद कुमार सिंह के सिवान में एसआईटी प्रभारी के रूप में कार्यरत रहने के दौरान शराब माफिया से कथित सांठगांठ, देह व्यापार से संबंध और अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। पुलिस अधिकारी ने इन आरोपों को मनगढ़ंत और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की साजिश बताया है।
मामले में रंगदारी मांगने का आरोप भी लगाया गया है। प्राथमिकी के अनुसार, सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक सामग्री वायरल होने के बाद अधिकारी की ओर से संपर्क किया गया। शिकायत में आरोप है कि सामग्री हटाने के बदले ₹50 हजार रुपये की मांग की गई। रकम नहीं देने पर और अधिक आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दिए जाने की बात भी आवेदन में कही गई है। शिकायत में मोबाइल नंबर 9431611001 का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस अब इस नंबर से जुड़े तथ्यों और कथित बातचीत की जांच कर रही है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, संबंधित सोशल मीडिया प्रोफाइल से दो ऑडियो और एक वीडियो भी वायरल किया गया। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि इनमें दीपांजलि कुमारी, निवासी चैनपुर, हथुआ की आवाज का इस्तेमाल कर पुलिस विभाग और अधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक बातें प्रसारित की गईं। अब साइबर पुलिस वायरल ऑडियो और वीडियो की सत्यता, उसकी रिकॉर्डिंग, प्रसारण के स्रोत और इससे जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट की तकनीकी जांच कर रही है।
प्राथमिकी में आरोपी नितेश कुमार सिंह के पूर्व आपराधिक मामलों का भी उल्लेख किया गया है। शिकायत के अनुसार, सिवान के मुफस्सिल, मैरवा और नौतन थाना में आरोपी के खिलाफ रंगदारी, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत कई मामले दर्ज रहे हैं।
शिकायतकर्ता अधिकारी ने आवेदन में कहा है कि मैरवा और मुफस्सिल थाना में पदस्थापना के दौरान उनके द्वारा आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसी पुरानी कार्रवाई को लेकर रंजिश रखने और उसी के चलते सोशल मीडिया पर उनकी छवि खराब करने तथा कथित रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया है।
मामला दर्ज होने के बाद साइबर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस सोशल मीडिया प्रोफाइल, फेसबुक पेज, मोबाइल नंबर, वायरल फोटो, ऑडियो और वीडियो समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित एडिटेड तस्वीरें और अन्य सामग्री किसने तैयार की, उन्हें सोशल मीडिया पर किसने अपलोड किया तथा रंगदारी की कथित मांग में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ही मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी। प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
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