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पत्रकारों ने किया धरना प्रदर्शन, राज्यपाल को संबोधित डीएम को सौंपा ज्ञापन

पत्रकारों ने किया धरना प्रदर्शन, राज्यपाल को संबोधित डीएम को सौंपा ज्ञापन

केएमबी वीरेंद्र पाण्डेय 
 देवरिया में पत्रकारों ने सैकड़ो की संख्या में कलेक्ट्रेट में उपस्थित होकर धरना प्रदर्शन कर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौपा और तत्काल प्रभाव से लिविंग इंडिया वी हिंदी खबर न्यूज़ चैनल के संपादकों एवं महिला पत्रकार को रिहा करने की मांग की और गिरफ्तार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। पत्रकारों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार चौथे स्थान पर हो रहे हमले लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। सरकार की तानाशाही रवैया किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और किसी भी पत्रकार के खिलाफ अगर उत्पीड़न होता तो ईट से ईट बजाने का काम किया जाएगा।
 जनरलिस्ट प्रेस क्लब देवरिया एवं गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन एवं पत्रकार एकता समन्वय समिति के तत्वाधान में पत्रकारों ने धरना प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौपा और तत्काल अतुल अग्रवाल सहित महिला पत्रकार एवं अन्य पत्रकार को रिहा करने की मांग की। घटना की पारदर्शी पूर्वक विधिक जांच कर कार्रवाई करने की मांग की।
 जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में 
मांग किया गया कि हरियाणा में बढ़ती नशाखोरी के मुद्दे पर समाचार प्रसारित किए जाने के संदर्भ में लिविंग इंडिया एवं हिंदी ख़बर न्यूज़ चैनल के प्रधान संपादक अतुल अग्रवाल सहित चार लोगों को हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। हिरासत में एक महिला पत्रकार के शामिल होने की जानकारी भी ज्ञापन में दी गई है। इस घटनाक्रम को लेकर पत्रकारिता जगत में चिंता जताते हुए संबंधित कार्रवाई के आधार और परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। पत्रकारों ने कहा कि नशाखोरी जैसी गंभीर सामाजिक समस्या को उजागर करना जनहित से जुड़ा विषय है। यदि किसी खबर या प्रसारण को लेकर कोई कानूनी आपत्ति है, तो उसका समाधान विधिसम्मत और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए। किसी भी पत्रकार के विरुद्ध कार्रवाई कानून के दायरे में होनी चाहिए। पत्रकारिता के पेशेवर कार्यों के कारण किसी को प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए। जर्नलिस्ट प्रेस क्लब की ओर से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन में पूरे प्रकरण की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की गई। साथ ही हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई के आधार और संबंधित कानूनी प्रक्रिया की समीक्षा करने, किसी भी प्रकार की अवैध हिरासत पाए जाने पर विधिसम्मत राहत सुनिश्चित करने तथा महिला पत्रकार की सुरक्षा, गरिमा और कानूनी अधिकारों का संरक्षण करने की मांग उठाई गई। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि जांच में किसी प्रकार की दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। पत्रकारों को डराने-धमकाने और उनके पेशेवर कार्यों में अनुचित हस्तक्षेप की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की भी मांग की गई।
इस अवसर पर पत्रकारों ने कहा कि स्वतंत्र पत्रकारिता लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का आधार है। मीडिया जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाने के साथ ही शासन-प्रशासन को जवाबदेह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए पत्रकारों की सुरक्षा और उनके स्वतंत्र रूप से कार्य करने के अधिकारों की रक्षा करना आवश्यक है। ज्ञापन कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ एव कनिष्क पत्रकार मौजूद रहे।

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