पिता ने बेटी की दीर्घायु के लिए रखा व्रत, लखनऊ में पहली बार आयोजित हुआ अनूठा ‘बेटी व्रत’ समारोह
11 पिताओं ने मंच पर उतारी बेटियों की आरती, 51 पिताओं ने ऑनलाइन जुड़कर निभाई परंपरा, बेटियों ने लड्डू खिलाकर खुलवाया पिता का व्रत
केएमबी संवाददाता
लखनऊ। बेटियों के प्रति प्रेम, सम्मान और आशीर्वाद की भावना को एक नई सामाजिक पहचान देने के उद्देश्य से बेटियां उत्थान संस्था द्वारा इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मरकरी हॉल में भव्य ‘बेटी व्रत’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजकों के अनुसार, यह अपनी तरह की पहली अनूठी पहल है, जिसमें पिताओं ने अपनी बेटियों की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना के लिए सूर्योदय से सूर्यास्त तक व्रत रखा। कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 5 बजे मुख्य अतिथि अयोध्या के महंत राज कुमार दास जी महाराज (मठाधीश एवं मुख्य अधिकारी, श्री राम वल्लभकुंज, जानकी घाट, अयोध्या धाम) ने दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह का सबसे भावुक और आकर्षक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब पिताओं ने अपनी बेटियों की आरती उतारी और बेटियों ने अपने पिता को लड्डू खिलाकर उनका व्रत खुलवाया।
कार्यक्रम में मंच पर 11 पिताओं ने अपनी बेटियों की आरती उतारकर उन्हें आशीर्वाद दिया। वहीं, 51 पिताओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस आयोजन में भाग लिया और अपनी बेटियों की आरती की। बेटियों ने भी लड्डू खिलाकर अपने पिता का व्रत खुलवाया। इस अवसर पर पिताओं ने अपनी बेटियों को उपहार स्वरूप बटुआ भेंट किया और उन्हें प्रणाम कर उनके प्रति सम्मान एवं स्नेह प्रकट किया। यह अनूठा दृश्य उपस्थित लोगों के लिए भावुक और यादगार बन गया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय गुप्ता, नगर महामंत्री संजय त्रिवेदी, संस्था के संरक्षक अंशुमन द्विवेदी, संस्था के सचिव राजीव सतीजा तथा अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के प्रांत अध्यक्ष यशपाल सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान एन.ए. शुक्ला, जीएम शुगर मिल; डॉ. रोमी प्रोफेसर (आईएमआरटी); सचिन मिश्रा, इंस्पेक्टर; यशपाल सिंह चौहान, संस्थापक, खाटू श्याम मंदिर, चंद्रिका देवी मार्ग, बख्शी का तालाब; प्रदीप सिंह भुल्लर, समाजसेवी, पीलीभीत तथा राजकुमार राजू, समाजसेवी, पूरनपुर ने भी बेटियों के महत्व, उनके सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को लेकर अपने अमूल्य विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने बेटी व्रत की इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि बेटियों को सम्मान और समान अवसर देना प्रत्येक परिवार एवं समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इस आयोजन को पिता और बेटी के अटूट प्रेम एवं विश्वास का प्रतीक बताते हुए संस्था के संस्थापक ए.के. राजीव के प्रयासों की प्रशंसा की।
सभी अतिथियों ने बेटियां उत्थान संस्था के संस्थापक ए.के. राजीव की इस अभिनव पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उन्हें इस सामाजिक अभियान के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। संस्था के संस्थापक ए.के. राजीव की इस पहल ने एक सशक्त सामाजिक संदेश दिया कि बेटी केवल पिता की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उसके जीवन का गौरव, प्रेम और अभिमान है। जिस प्रकार बेटियों के लिए विभिन्न व्रत रखे जाते हैं, उसी प्रकार पिता द्वारा अपनी बेटी की लंबी आयु और खुशहाल जीवन के लिए व्रत रखना पिता-पुत्री के रिश्ते को एक नई भावनात्मक पहचान देता है। ‘बेटी व्रत’ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बेटी के सम्मान, सुरक्षा, स्वाभिमान और सशक्तीकरण का सामाजिक संकल्प है।
Post a Comment