72 घंटे बाद भी 200 गांवों में बिजली गुल, लोग बेहाल आंधी-तूफान से 1100 खंभे टूटे, युद्धस्तर पर जारी मरम्मत कार्य
अमेठी। जिले में बुधवार को आए तेज आंधी-तूफान का असर 72 घंटे बाद भी बना हुआ है। तिलोई, गौरीगंज, जगदीशपुर, बाजारशुकुल और सिंहपुर क्षेत्र के 200 से अधिक गांवों में अब तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। भीषण गर्मी के बीच बिजली न होने से करीब एक लाख से अधिक लोग परेशान हैं। पेयजल संकट गहराने लगा है और घरों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी ठप पड़े हैं।
विद्युत विभाग के अनुसार, आंधी-तूफान में करीब 1100 बिजली के खंभे टूट गए, जबकि 250 से अधिक विद्युत ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा 95 क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों में से 25 नए ट्रांसफार्मर लगाए जा चुके हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इस प्राकृतिक आपदा से करीब एक करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार सिंह ने बताया कि बिजली व्यवस्था बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। अब तक लगभग 75 प्रतिशत आपूर्ति बहाल कर दी गई है, जबकि शेष क्षेत्रों में शनिवार देर शाम तक आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में अधिक पोल टूटे हैं, वहां मरम्मत कार्य में अधिक समय लग रहा है।बुधवार की आंधी में महोना, बाजारशुकुल और सत्थिन उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई थी। 48 घंटे बाद भी कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। बाजारशुकुल उपकेंद्र से जुड़े पाली और उरेरमऊ क्षेत्रों में भी विद्युत संकट बना हुआ है।
अवर अभियंता सहाब हुसैन ने बताया कि पाली और उरेरमऊ क्षेत्र में 12 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। यहां 25 केवीए के पांच और 100 केवीए का एक ट्रांसफार्मर खराब हो गया है। वहीं सत्थिन उपकेंद्र के अंतर्गत हाईटेंशन लाइन के 87 और एलटी लाइन के 110 पोल टूट गए हैं। कई ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।महोना उपकेंद्र क्षेत्र में भी एलटी लाइन के 44 पोल टूटने और पांच ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। व्यापारियों और ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बिजली बाधित रहने से कारोबार और दैनिक जीवन पर गंभीर असर पड़ा है। विद्युत विभाग की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं।
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