जौनपुर में कार रोककर नकाबपोश बदमाशों ने दूल्हे की गोली मारकर की निर्मम हत्या
जौनपुर। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात तीन नकाबपोश बदमाशों ने रास्ते में कार को निशाना बनाते हुए गोलियां बरसाकर 21 वर्षीय दूल्हे आजाद बिंद की हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित मौके से फरार हो गए। खेतासराय थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि आरोपितों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस रंजिश समेत कई बिंदुओं पर पड़ताल कर रही है। पुलिस अधीक्षक डा. अनुपम कुमार सिंह देर रात तक स्वजन से पूछताछ करते रहे। मृतक के चचेरे भाई रितेश ने बताया कि घटना से पहले उसके मोबाइल फोन पर प्रदीप नाम के एक अजनबी का फोन आया था। उसने धमकी दी थी कि बरात लेकर आओगे तो जान से हाथ धोना पड़ेगा। आजाद के पिता रामलखन बिंद ने आरोप लगाया कि यह हत्या पूर्व में चले आ रहे विवाद का नतीजा हो सकती है।
बताया कि करीब तीन साल पहले जपटापुर के भोले राजभर, अशोक यादव समेत 30 लोगों ने बेटे और उनपर जानलेवा हमला किया था, तब तहरीर दी गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई थी। स्वजन का कहना है कि इस तरह की धमकियां पहले भी मिलती रहीं, पर परिवार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
दूसरी ओर जांच में जुटी टीमों को कुछ ऐसे संकेत भी मिले हैं, जिनसे शक की सुई परिचितों की ओर घूम रही है। घटना के तुरंत बाद कई संदिग्धों के मोबाइल फोन का बंद हो जाना पुलिस के लिए अहम सुराग माना जा रहा है। अब उनकी काल डिटेल, लोकेशन और संपर्कों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बडऊर गांव निवासी रामलखन के पुत्र आजाद बिंद की बरात खेतासराय थाना क्षेत्र के बीबीपुर गांव के लिए निकली थी। रात करीब साढ़े आठ बजे घर से लगभग आठ किलोमीटर दूर मनेछा गांव के पास बाइक सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने ओवरटेक कर कार को रोककर हमला कर दिया। बदमाशों ने दूल्हे की कार को घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। आजाद को तीन गोलियां लगीं और लहूलुहान होकर कार में ही निढाल हो गया। इसके बाद हमलावर भाग निकले। स्वजन आजाद को खेतासराय के हबीब हास्पिटल ले गए। वहां हालत गंभीर देखकर उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कार में दूल्हा आजाद बिंद, चालक के बगल वाली सीट पर बैठा था, जबकि पीछे वाली सीट पर उसके साथी टोनी कन्नौजिया, छोटा भाई आकाश बिंद और मामा का लड़का हिमांशु बिंद थे।
भाई आकाश के मुताबिक बाइक सवार जब ओवरटेक करके रोकने लगे तब समझ में नहीं आया कि क्या हुआ। तब तक बदमाशों ने फायर झोंक दिया। पिता रामलखन बिंद मुंबई में एक गैराज में काम करते हैं और आजाद नासिक में रहकर वेल्डिंग का काम करता था। करीब एक माह पहले वह शादी के लिए घर आया था। मां तारा देवी व इकलौती बहन सौम्या का हाल बेहाल रहा। तमाम राजनीतिक दलों के लोग जिला अस्पताल व घर पर पहुंचकर स्वजन को ढांढ़स बंधाते रहे।
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