कोलकाता की सड़कों से मिटा देंगे मुगलों और पठानों का नामोनिशान- CM शुभेंदु का बड़ा ऐलान
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने विधानसभा में कहा कि कि कोलकाता में अब किसी भी सड़क का नाम मुगलों, पठानों या अत्याचारी ब्रिटिश शासकों के नाम पर नहीं रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने सड़कों के नाम बदलने के प्रस्तावों की दोबारा जांच और मूल्यांकन के लिए हाल ही में पद्म श्री से सम्मानित स्वामी प्रदीप्तानंद महाराज (कार्तिक महाराज) की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की है।
7 दिनों में बैठक करेगी कार्तिक महाराज की समिति
समिति के अध्यक्ष कार्तिक महाराज ने इस जिम्मेदारी का स्वागत करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी देश के समृद्ध इतिहास से अनजान है। उन्होंने बताया कि समिति 7 दिनों के भीतर बैठक कर उन सड़कों की पहचान करेगी जिनके नाम बदले जाने हैं। मुगलों और विदेशियों की जगह अब सड़कों का नाम महान भारतीय नायकों, संस्कृति और इतिहास से जुड़े दिग्गजों के नाम पर रखा जाएगा। इसके लिए वे सनातन संस्कृति संसद और अन्य हितधारकों से चर्चा करेंगे।
विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कोलकाता की चर्चित सुहरावर्दी एवेन्यू का जिक्र करते हुए कहा कि अब इस सड़क का नाम बदल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब भी वह सेवन पॉइंट इलाके से गुजरते थे, तो ‘सुहरावर्दी एवेन्यू’ का बोर्ड देखकर असहज महसूस करते थे। हालांकि बाद में यह जानकारी सामने आई कि यह सड़क अविभाजित बंगाल के अंतिम प्रधानमंत्री हुसैन शहीद सुहरावर्दी के नाम पर नहीं, बल्कि उनके चाचा लेफ्टिनेंट कर्नल सर हसन सुहरावर्दी के नाम पर थी।
नाम बदलने का फैसला वापस नहीं होगा
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 'ग्रेट कलकत्ता किलिंग', नोआखली दंगों या दमनकारी विदेशी शासकों से जुड़े लोगों के नाम पर जगहों का नाम रखने से पहले पांच बार सोचना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे राष्ट्रभक्तों को सम्मानित करने का कोई प्रस्ताव आता है, तो सरकार उसे सहर्ष स्वीकार करेगी। कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों ने भी साफ कर दिया है कि नाम बदलने का फैसला वापस नहीं होगा।
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