हजरत अली (रजि.) का जीवन इंसानियत और इंसाफ का पैगाम: मौलाना शोएब
ग्राम सभा सत्थिन में 12 रोजा जश्ने ईदमिलादुन्नबी के 9वें इजलास का भव्य आयोजन
अमेठी (बाजार शुकुल)। क्षेत्र के ग्राम सभा सत्थिन स्थित मोहल्ला अंदर कोट में 12 रोजा जश्ने ईदमिलादुन्नबी के सिलसिले में 9वां शानदार इजलास अकीदत व एहतिराम के साथ संपन्न हुआ। महफिल में दूर-दराज से आए अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ पड़ा। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता (मुकर्ररे खास) हजरत मौलाना कारी सैय्यद शोएब साहब ने 'हजरत अली (रजि.) का वकार' उनवान पर खिताब फरमाते हुए उनके त्याग, बहादुरी, इल्म और इंसाफ पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि हजरत अली (रजि.) की सीरत और किरदार पूरी इंसानियत के लिए मिसाल है। समाज में अमन, भाईचारे और इंसाफ को कायम रखने के लिए उनके बताए रास्ते पर चलना आज के दौर की सबसे बड़ी जरूरत है।इससे पूर्व महफिल का आगाज तिलावते कलाम-ए-पाक से हुआ। मशहूर नात ख्वां हाफिज व कारी अतीक अहमद साहब ने हुजूर अकरम की शान में खूबसूरत नात और मनकबत पेश कर समां बांध दिया। कारी अतीक की पुरकशिश आवाज पर सामईन देर रात तक सुभानअल्लाह की सदाएं बुलंद करते रहे। इजलास के अंत में मुल्क में अमनो-अमान, आपसी सौहार्द और कौम की तरक्की के लिए खुसूसी दुआ मांगी गई। इसके बाद हाजिरीन को तबर्रुक तकसीम किया गया। महफिल में इलाके के तमाम गणमान्य लोग और अकीदतमंद मौजूद रहे।
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