रसूलपुर में ‘सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र’ नाटक के मंचन के दौरान भीषण अग्निकांड, 11 लोग झुलसे
चिता जलाने के दृश्य के दौरान भड़की आग, पांच गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए PMCH पटना किया गया रेफर; घटनास्थल पर पहुंचे एसपी भरत सोनी, जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश
सीवान/बड़हरिया। जिले के बड़हरिया थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव में ‘सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र’ नाटक के मंचन के दौरान बुधवार को भीषण अग्निकांड हो गया। नाटक में श्मशान घाट और चिता जलाने के दृश्य के दौरान आग लगाने की प्रक्रिया में अचानक आग भड़क उठी। इसकी चपेट में आने से कई बच्चों समेत करीब 11 लोग झुलस गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से झुलसे पांच लोगों को बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। अन्य घायलों का सीवान सदर अस्पताल में इलाज जारी है।
चिता जलाने के दृश्य के दौरान भड़की आग
जानकारी के अनुसार, रसूलपुर गांव में ‘सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र’ नाटक का मंचन किया जा रहा था। इसी दौरान नाटक में श्मशान घाट का दृश्य प्रस्तुत किया जा रहा था। चिता जलाने के लिए आग लगाने की कोशिश के दौरान आग अचानक फैल गई। बताया जा रहा है कि पेट्रोल या किसी अन्य ज्वलनशील पदार्थ के इस्तेमाल के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते आग की लपटों की चपेट में कई लोग आ गए। हादसे में बच्चे भी झुलस गए।
घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर चीख-पुकार मच गई। मौजूद लोगों ने घायलों की मदद की और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने में जुट गए। इस हादसे ने धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में आग से सुरक्षा के इंतजामों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पांच गंभीर घायलों को पटना किया गया रेफर
हादसे में झुलसे लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित पीएमसीएच रेफर किया गया। वहीं, अन्य घायलों का सीवान सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। घायलों में कई बच्चों के शामिल होने की बात सामने आई है। परिजनों और स्थानीय लोगों में घटना को लेकर चिंता का माहौल है।
घायलों का हाल जानने पहुंचे एसपी
घटना की गंभीरता को देखते हुए सीवान के पुलिस अधीक्षक भरत सोनी बड़हरिया पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और हादसे से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी ली। एसपी ने घायल बच्चों एवं अन्य पीड़ितों के कुशलक्षेम की जानकारी लेने के साथ ही मामले की गंभीरता से जांच करने पर जोर दिया।
उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जाए। साथ ही, लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
नाटक के दौरान चिता जलाने के दृश्य में आग के इस्तेमाल से हुए इस हादसे ने सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था, तो उसके उपयोग के तरीके, आग से बचाव के इंतजाम और आयोजन के दौरान बरती गई सावधानियों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह और संभावित लापरवाही के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस बीच, सभी घायलों के बेहतर उपचार और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
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