नवरात्रि व्रत और दशहरा पूजन की तिथियों पर विद्वानों ने दूर किया संशय,19 अक्टूबर को अष्टमी व्रत और महानवमी निशा पूजन, 20 को हवन व कन्या पूजन
नवरात्रि के दौरान अष्टमी व्रत, महानवमी पूजन और दशहरा पर्व की तिथियों को लेकर बने असमंजस के बीच भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा के विद्वानों ने बैठक कर शास्त्र सम्मत निर्णय लिया। महासभा के प्रधान कार्यालय में आयोजित बैठक के बाद प्रेसवार्ता कर पर्वों की तिथियों और पूजन विधानों के संबंध में जानकारी दी गई।
महासभा के अध्यक्ष पंडित केसी पाण्डेय काशी वाले ने बताया कि शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार व्रत-पूजन में उदयातिथि का विशेष महत्व है। तिथि वृद्धि के कारण 17 और 18 अक्टूबर को सप्तमी तिथि का पूजन किया जाएगा। वहीं, 18 अक्टूबर को सप्तमी युक्त अष्टमी होने के कारण धर्मग्रंथों में बताए गए विधान के अनुसार अष्टमी व्रत 19 अक्टूबर, सोमवार को रखने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि 19 अक्टूबर की रात्रि में महानवमी का निशा पूजन किया जाएगा। इसके अगले दिन 20 अक्टूबर, मंगलवार को नवमी व्रत के साथ हवन और कन्या पूजन संपन्न होगा।
दशहरा पूजन के संबंध में महासभा अध्यक्ष ने बताया कि 19 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे के बाद श्रवण नक्षत्र में विजय मुहूर्त के दौरान दशहरा पूजन किया जाएगा। वहीं, नवमी युक्त दशमी तिथि होने के कारण नवरात्रि व्रत का पारण 21 अक्टूबर, बुधवार को सूर्योदय के बाद दशमी तिथि में करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में महासभा के समन्वयक पंडित अजय पाण्डेय, कोषाध्यक्ष पंडित मित्र प्रसाद काफ्ले, प्रवक्ता पंडित प्रशांत वशिष्ठ, महामंत्री अनिशा सोनी पाण्डेय, लेखा निरीक्षक पंडित अमर प्रकाश पाण्डेय, पंडित शैलेन्द्र अवस्थी, पंडित शिवम शुक्ला, डॉ. वासुदेव शर्मा, पंडित जगदम्बा शर्मा, पंडित देवी प्रसाद तिवारी और पंडित गौरव कौशिक सहित अन्य विद्वान उपस्थित रहे। सभी ने विचार-विमर्श के बाद लिए गए निर्णय पर अपनी सहमति जताई।
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