इन्हौना में घुमंतू गौरव समागम: 20 दिन में प्रमाण पत्र बनवाने के निर्देश
अमेठी। जिले के इन्हौना में आयोजित घुमंतू गौरव समागम कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला समेत कई जनप्रतिनिधि पहुंचे। इस दौरान घुमंतू समाज के लोगों ने अतिथियों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत एवं सम्मान किया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने घुमंतू समाज के लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने मंच से संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि गांव में कैंप लगाकर समाज के लोगों के आय और निवास प्रमाण पत्र बनवाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने इसके लिए 20 दिन के भीतर कार्य पूरा करने की बात कही। राज्यमंत्री ने घुमंतू समाज की उन लड़कियों का मुद्दा भी उठाया, जिन्होंने कबड्डी में जिला स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन आवश्यक दस्तावेजों और खेल किट की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ सकीं। उन्होंने मंच से ब्लॉक प्रमुख मुन्ना सिंह से कहा कि इन बेटियों को कबड्डी किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए, ताकि वे खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
उन्होंने उम्र संबंधी प्रमाण पत्रों की समस्या पर कहा कि जिन बच्चों के उम्र प्रमाण पत्र नहीं बने हैं, वे ऑनलाइन आवेदन करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से बात कर गांव में एक-दो दिन के भीतर स्वास्थ्य विभाग का कैंप लगवाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि बच्चों के उम्र संबंधी प्रमाण पत्र बनवाने में मदद मिल सके।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने घुमंतू समाज के ऐतिहासिक संघर्ष और सामाजिक स्थिति पर अपनी बात रखी। उन्होंने ब्रिटिश शासन के दौरान वर्ष 1871 में बनाए गए आपराधिक जनजाति अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि इस कानून के तहत कई समुदायों को जन्मजात अपराधी के रूप में चिह्नित कर दिया गया था। इसके कारण इन समुदायों को लंबे समय तक सामाजिक भेदभाव और कलंक का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद इस कानून को समाप्त किए जाने से इन समुदायों को इस कलंक से मुक्ति मिली। अपने संबोधन में उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल का उल्लेख करते हुए घुमंतू समाज के सम्मान, अधिकार और सामाजिक उत्थान की बात कही।
कार्यक्रम के दौरान अब्दुल गनी बंजारा ने घुमंतू समाज के लोगों को कथित तौर पर पुलिस कार्रवाई के दौरान होने वाली परेशानियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब किसी मामले में वास्तविक आरोपी नहीं मिलता है, तो घुमंतू समाज के लोगों को भी पकड़कर ले जाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार ऐसी धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जाते हैं, जिनमें संबंधित व्यक्ति को थाने से राहत मिलना मुश्किल हो जाता है।अब्दुल गनी बंजारा ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से गुजारिश की कि घुमंतू समाज के लोगों के साथ निष्पक्ष व्यवहार किया जाए और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर ही हो। उन्होंने निर्दोष लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाने की मांग की।
कार्यक्रम के संयोजक रावेन्द्र कुमार बारा, राष्ट्रीय अध्यक्ष विमुक्त घुमन्तू बारा समाज परिषद एवं महानगर लखनऊ अध्यक्ष, अनुसूचित जाति मोर्चा भाजपा ने समाज के बच्चों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि घुमंतू समाज के बच्चों के आय, निवास और जन्म संबंधी प्रमाण पत्र नहीं बन पाने के कारण उन्हें शिक्षा, खेल और अन्य अवसरों का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि समाज की लड़कियों ने कबड्डी में जिला स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में वे आगे की प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सकीं। उन्होंने समाज के बच्चों के दस्तावेज बनवाने और प्रतिभाशाली बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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