यूपी के हापुड़ में त्यौहारों की मिठास में घुल रहा जहर, खाद्य विभाग ने 3 क्विंटल खोया किया नष्ट
हापुड़। जनपद में खाद्य विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए मिठाई में केमिकल के इस्तेमाल किए जाने से पहले ही भारी मात्रा में मिलावटी खोवा पकड़ा है। जंगलों की आड़ में मीठे जहर की एक अवैध फैक्ट्री चल रही थी।खाद्य विभाग ने 3 क्विंटल खोया नष्ट किया। त्यौहारों की उमंग में कहीं आप बाजार की चकाचौंध और सस्ती मिठाई के चक्कर में अपने लिए बीमारी तो नहीं खरीद रहे? थोड़ा ठहरिए और सतर्क हो जाइए! मिलावटी खोया और केमिकल से तैयार मिठाइयां आपकी जिंदगी पर भारी पड़ सकती हैं। उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ में खाद्य विभाग की टीम ने ऐसे ही एक मामले में कार्रवाई करते हुए मिठाई में इस्तेमाल किए जाने से पहले ही भारी मात्रा में मिलावटी खोवा पकड़ा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हापुड़ के हाफिजपुर थाना क्षेत्र में जंगलों की आड़ में मीठे जहर की एक अवैध फैक्ट्री चल रही थी। खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस ने भटियाना गांव के घने जंगलों में जब छापा मारा तो यहां जमीन पर दूषित माहौल में सैकड़ों किलो खोया तैयार किया जा रहा था, टीम ने यहां तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर ही कुंतलों मावा नष्ट करा दिया।
जानकारी के अनुसार हापुड़ के हाफिजपुर थाना क्षेत्र में भाटियाना गांव के जंगल में मिलावट का खेल करने वाले मिलावट खोरों को लगा कि आबादी से दूर जंगल के सन्नाटे में उनका यह खेल किसी की नजर में नहीं आएगा लेकिन खुफिया सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा विभाग और हाफिजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने कलवा के जंगल में भैंसों की डेयरी को चारों तरफ से घेर लिया। अंदर का नजारा देखकर खुद अफसरों का भी माथा ठनक गया यहां खुले फर्श पर, मक्खियों और धूल-गंदगी के बीच भारी मात्रा में मावा दूषित हालत में पड़ा हुआ था। टीम ने यहां छापे के दौरान मौके से भारी मात्रा में स्किम्ड मिल्क पाउडर बरामद किया, जिसकी मदद से खोया तैयार किया जा रहा था। टीम ने फर्श पर फैले लगभग 250 से 350 किलोग्राम दूषित मावे को जब्त कर वहीं गड्ढा खुदवाकर नष्ट करा दिया, ताकि यह बाजार तक न पहुंच सके।
सहायक आयुक्त द्वितीय, खाद्य सुरक्षा विभाग चंद्रशेखर मिश्रा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि भटियाना गांव के जंगल में रात के अंधेरे में अवैध मावे की भट्ठियां धधक रही हैं। पुलिस और प्रशासन के साथ जब मौके पर रेड की, तो वहां जमीन पर बेहद अस्वास्थ्यकर और गंदे माहौल में खोया बनता पाया गया। मौके से भारी मात्रा में स्किम्ड मिल्क पाउडर मिला और फर्श पर पड़ा करीब साढ़े तीन क्विंटल दूषित खोया नष्ट कराया गया है। इनका रजिस्ट्रेशन भी बहुत पहले खत्म हो चुका था।
काम को पूरी तरह सील कर बंद करा दिया गया है और विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। किसी भी सूरत में मिलावटखोरों को बख्शा नहीं जाएगा। बताया जा रहा है कि खाद्य विभाग की जांच में खुलासा हुआ कि जिस कागज की आड़ ली जा रही थी, वह कोई निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) का लाइसेंस नहीं, बल्कि महज रिटेलर का रजिस्ट्रेशन था, और वह भी फरवरी के महीने में ही एक्सपायर हो चुका था। पूरी फैक्ट्री बिना किसी वैध अनुमति के अवैध रूप से चलाई जा रही थी। फिलहाल, हापुड़ प्रशासन की इस कार्रवाई से पूरे जिले के मिलावटखोरों में खलबली मच गई है। शासन की ओर से सख्त हिदायत है जो जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करेगा, उसका सीधा ठिकाना जेल की सलाखों के पीछे होगा।
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