सीवान में अर्बन-साइक्लोन का असर, लगातार दूसरे दिन झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित
किसानों की फसलों पर संकट के बादल, छठ और दीपावली के लिए मिट्टी के दीये सुखाने में कुम्हारों की बढ़ी परेशानी
सीवान। जिले में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। लगातार दूसरे दिन हो रही झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित होने के साथ ही किसानों और कुम्हारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौसम में आए इस बदलाव को अर्बन-साइक्लोन के असर से जोड़कर देखा जा रहा है। आसमान में छाए बादलों और लगातार हो रही बारिश ने आम जनजीवन के साथ-साथ त्योहारों की तैयारियों पर भी असर डाला है।
बारिश के कारण खेतों में लगी फसलों को लेकर किसान चिंतित हैं। किसानों को आशंका है कि यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो तैयार हो रही फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। खेती-किसानी पर निर्भर परिवारों के लिए यह मौसम चिंता का कारण बन गया है। हालांकि फसलों को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन संबंधित विभाग की ओर से किए जाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कुम्हारों के सामने दीये सुखाने की चुनौती
बारिश का असर छठ और दीपावली की तैयारियों पर भी दिखाई देने लगा है। इन त्योहारों को देखते हुए कुम्हार बड़ी संख्या में मिट्टी के दीये तैयार करने में जुटे हैं। लेकिन लगातार बारिश और धूप नहीं निकलने के कारण दीयों को सुखाना मुश्किल हो गया है। मिट्टी के कच्चे दीयों को ठीक से सुखाने के लिए धूप की जरूरत होती है। ऐसे में बारिश ने कुम्हारों की परेशानी बढ़ा दी है।
कुम्हारों के लिए यह समय साल के महत्वपूर्ण कारोबार का होता है। दीपावली और छठ जैसे पर्वों पर मिट्टी के दीयों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में समय पर दीये तैयार नहीं हो पाने से उनके कारोबार पर असर पड़ने की आशंका है।
मौसम के बदले मिजाज ने बढ़ाई चिंता
एक ओर किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं, तो दूसरी ओर कुम्हार त्योहारों के लिए तैयार किए जा रहे मिट्टी के दीयों को सुरक्षित रखने और सुखाने की जद्दोजहद में लगे हैं। लगातार दूसरे दिन हुई बारिश ने मौसम के साथ-साथ स्थानीय कारोबार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी असर डालना शुरू कर दिया है।
फिलहाल जिले में लोगों की नजरें मौसम के अगले रुख पर टिकी हैं। यदि बारिश जल्द नहीं थमी तो किसानों और त्योहारों से जुड़े छोटे कारोबारियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
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