⚡ ब्रेकिंग News

77 दिन की जंग में जीते वकील, आखिर झुका प्रशासन, एसडीएम से छीने गए न्यायिक कार्य

77 दिन की जंग में जीते वकील, आखिर झुका प्रशासन, एसडीएम से छीने गए न्यायिक कार्य

केएमबी खुर्शीद अहमद
अमेठी। मुसाफिरखाना तहसील में अधिवक्ताओं का करीब ढाई महीने तक चला आंदोलन आखिरकार 77वें दिन असर दिखाता नजर आया। लगातार धरना-प्रदर्शन और बढ़ते दबाव के बाद जिलाधिकारी ने आदेश जारी कर एसडीएम मुसाफिरखाना से न्यायिक कार्य तत्काल प्रभाव से वापस ले लिए और यह जिम्मेदारी दूसरे अधिकारी नीतेशराज उपजिलाधिकारी (न्यायिक) मुसाफिरखाना अमेठी, को सौंप दी गई है, जिलाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश में साफ कहा गया है कि एसडीएम के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की प्राथमिक जांच में सामने आए तथ्यों के दृष्टिगत यह कार्रवाई की गई है। यानी शिकायते गलत नहीं थी। प्रारंभिक जांच के बाद प्रशासन के पास कोई रास्ता नहीं था। आदेश के अनुसार अब मुसाफिरखाना से संबंधित समस्त न्यायिक कार्य नीतेश दूसरे अधिकारी द्वारा देखे जाएंगे। हालांकि इस कार्रवाई ने एक ओर जहां वकीलों के लंबे आंदोलन को आंशिक राहत दी है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई तीखे सवाल भी खड़े कर दिए हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि अगर शिकायतों की गंभीरता पहले ही समझ ली जाती, तो 77 दिनों तक आंदोलन और तहसील में कामकाज ठप होने की नौबत ही नहीं आती। सबसे बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि जिस प्राथमिक जांच के आधार पर इतनी बड़ी कार्रवाई की गई, उसकी रिपोर्ट अब तक अधिवक्ताओं को उपलब्ध क्यों नहीं कराई गई। वकीलों का कहना है कि जब कार्रवाई हो चुकी है, तो पारदर्शिता के लिए जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। धरने के दौरान तहसील का कामकाज भी काफी प्रभावित रहा। न्याय की उम्मीद लेकर आने वाले फरियादियों को बार-बार चक्कर लगाने पड़े और कई मामलों की फाइलें लंबित रहीं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से लंबे समय तक कोई ठोस कदम न उठाए जाने से लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। लगातार 77 दिन तक चले आंदोलन और बढ़ते दबाव के बाद प्रशासन को आखिरकार कार्रवाई करनी पड़ी। हालांकि अब भी यह सवाल चर्चा में है कि जब शिकायतें पहले से उठ रही थीं, तो कार्रवाई करने में प्रशासन को इतना लंबा समय क्यों लग गया। स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं का कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते संवेदनशीलता दिखाता, तो न तो इतना लंबा आंदोलन चलता और न ही न्यायिक व्यवस्था पर इतना असर पड़ता। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करता है या नहीं और आगे इस पूरे मामले में क्या नई कार्रवाई होती है।

Post a Comment

Previous Post Next Post
BREAKING NEWS : Loading...

ताज़ा खबरें

राजनीति समाचार
राजनीति समाचार लोड हो रहे हैं...