⚡ ब्रेकिंग News

भ्रष्टाचार पर शासन का भीषण प्रहार: समाजसेवी रिंकू चौरसिया के साक्ष्यों ने हिलाया मंत्रालय, दागी नपा अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार समाप्त

भ्रष्टाचार पर शासन का भीषण प्रहार: समाजसेवी रिंकू चौरसिया के साक्ष्यों ने हिलाया मंत्रालय, दागी नपा अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार समाप्त

केएमबी ब्यूरो श्रावण कामड़े 
परासिया। नगरपालिका परिषद डोंगर परासिया में व्याप्त भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के विरुद्ध चल रही लंबी कानूनी लड़ाई में सत्य की जीत हुई है। जिले के प्रखर समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया द्वारा प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों और निरंतर शिकायतों का संज्ञान लेते हुए, मध्य प्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने एक ऐतिहासिक आदेश जारी किया है।
शासकीय आदेश की बड़ी कार्रवाई
नगरीय विकास एवं आवास विभाग, मंत्रालय, भोपाल द्वारा जारी आदेश क्रमांक एफ 6/5/0012/2025/18-3 (दिनांक 18/03/2026) के अनुसार, नगरपालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय की समस्त वित्तीय शक्तियों को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। शासन ने म.प्र. नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 346 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, अब बैंक लेनदेन और देयकों पर हस्ताक्षर हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) परासिया को अधिकृत किया है।
समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया का 'मिशन क्लीन परासिया, 5% से 50% कमीशन का पर्दाफाश
इस कार्रवाई की नींव 28 दिसंबर 2025 को समाजसेवी रिंकू चौरसिया द्वारा समाचार टीवी न्यूज़ चैनलों के माध्यम से उस ऑडियो क्लिप से पड़ी, जिसमें नपा अध्यक्ष विनोद मालवीय के द्वारा ठेकेदारों से 5% से 50% तक के कमीशन की मांग एवं शराब ठेकेदार से हराम की शराब कि मांग की थी। समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने हार न मानते हुए इस भ्रष्टाचार के विरुद्ध राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, लोकायुक्त, नगरीय विकास प्रशासन, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक तक निरंतर पत्राचार किया। उनकी इस अथक मेहनत का ही परिणाम है कि आज शासन को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।
अपराधों और अनियमितताओं का कच्चा चिट्ठा
आदेश में स्पष्ट रूप से अध्यक्ष के विरुद्ध दर्ज निम्नलिखित गंभीर मामलों का उल्लेख किया गया है- थाना परासिया में अपराध क्रमांक 42/2026 (धारा 79 BNS, 67 आईटी एक्ट) और थाना चांदामेटा में अपराध क्रमांक 32/2026 (धारा 324(C), 74, 75, 78, 79 बीएनएस एवं एससी/एसटी एक्ट)।अध्यक्ष मालवीय 18.02.2026 से 11.03.2026 तक जिला जेल छिंदवाड़ा में निरुद्ध रहे हैं।लोकायुक्त कार्यालय में दर्ज प्रकरण क्रमांक 542/2025-26 एवं 568/2025-23, जिसमें गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की विवेचना जारी है। उप सचिव रामकुमार शुक्ला द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश ने स्पष्ट कर दिया है कि दागी नेतृत्व के हाथों में जनता का पैसा सुरक्षित नहीं है। शासन ने माना है कि अध्यक्ष का वित्तीय अधिकारों का प्रयोग करना 'लोकहित और परिषद हित' में वांछनीय नहीं है। स्थानीय नागरिकों ने इस निर्णय को समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया के सत्य और साहस की जीत बताया है।

Post a Comment

Previous Post Next Post
BREAKING NEWS : Loading...

ताज़ा खबरें

राजनीति समाचार
राजनीति समाचार लोड हो रहे हैं...