मोहर्रम पर मैरवा में अकीदत के साथ निकला ताजिया जुलूस, इमाम हुसैन की शहादत को किया याद
केएमबी मुकुल बरनवाल
मैरवा (सीवान)। मोहर्रम की दसवीं तारीख यौम-ए-आशूरा के अवसर पर शुक्रवार को मैरवा प्रखंड के विभिन्न गांवों में अकीदत और श्रद्धा के साथ ताजिया जुलूस निकाला गया। कर्बला की जंग में इस्लाम, सत्य, न्याय और इंसानियत की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले हजरत इमाम हुसैन, उनके परिवार एवं साथियों की शहादत को नम आंखों से याद किया गया। इस अवसर पर लोगों ने उनके आदर्शों पर चलने तथा समाज में भाईचारा, शांति और इंसानियत का संदेश फैलाने का संकल्प लिया।
प्रखंड के मिस्करही, लालगंज, मोतीछापर, बैकुंठ छापर, कैथवली, बभनौली, कविता, परसिया बुजुर्ग, नवादा, इंग्लिश, लंगड़पुरा, डोमडीह, बरासो, सेवतापुर, बड़का माझा, छोटका माझा, बड़गांव, कबीरपुर एवं तितरा सहित कई गांवों से ताजिया जुलूस निकाला गया। जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए अपने-अपने कर्बला स्थलों तक पहुंचा, जहां धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
जुलूस के दौरान युवाओं ने पारंपरिक युद्ध कला का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक करतबों के माध्यम से कर्बला की ऐतिहासिक लड़ाई और शौर्य की झलक प्रस्तुत की गई। इन प्रदर्शनों को देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
मोहर्रम को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। एसडीपीओ गौरी कुमारी एवं थानाध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल संवेदनशील स्थलों और जुलूस मार्गों पर तैनात रहा। पुलिस पदाधिकारी लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरे प्रखंड में मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
इस दौरान विभिन्न गांवों में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश की। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य लोगों ने भी लोगों से शांति एवं सद्भाव बनाए रखने की अपील की। पूरे दिन धार्मिक आस्था, अनुशासन और सामाजिक एकता का माहौल देखने को मिला।
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