निःशुल्क सिलाई एवं ब्यूटिशियन प्रशिक्षण प्रारंभ, समाज सेविका कंचन गुप्ता का सराहनीय कदम
पहले ही दिन बड़ी संख्या में युवतियां व महिलाएं पहुंचीं प्रशिक्षण केंद्र
अमेठी। महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से समाजसेविका कंचन गुप्ता द्वारा वृहस्पतिवार से 15 दिवसीय निःशुल्क सिलाई एवं ब्यूटिशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ कर दिया गया। प्रशिक्षण के पहले ही दिन बड़ी संख्या में युवतियों एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण केंद्र पर महिलाओं की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अब स्वरोजगार और कौशल विकास के प्रति तेजी से जागरूक हो रही हैं।समाजसेविका कंचन गुप्ता ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को ऐसा व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है,जिससे वे स्वयं का रोजगार शुरू कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। प्रशिक्षण के दौरान सिलाई,कटिंग, डिजाइनिंग तथा ब्यूटिशियन से जुड़े आधुनिक तकनीकी पहलुओं की जानकारी अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा दी जा रही है,ताकि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद महिलाएं रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।प्रशिक्षण कार्यक्रम के साथ-साथ कंचन गुप्ता द्वारा गांव-गांव महिला जागरूकता अभियान भी निरंतर चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय साक्षरता, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने, स्वरोजगार के अवसरों तथा केंद्र एवं प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। साथ ही महिलाओं को घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा, बाल विवाह, महिला उत्पीड़न और जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक कर उनके कानूनी अधिकारों की भी जानकारी दी जा रही है।पत्रकार दीपक पाठक से बातचीत में कंचन गुप्ता ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब उसकी महिलाएं शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर हों। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सक्षम महिला न केवल अपने परिवार की मजबूती का आधार बनती है, बल्कि समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।उन्होंने महिलाओं और युवतियों से शिक्षा एवं कौशल विकास को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि "पढ़ेंगी, सीखेंगी और आत्मनिर्भर बनेंगी, तभी सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र का सपना साकार होगा।प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर महिलाओं और युवतियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पहले ही दिन बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त करना शुरू कर दिया,जबकि आगामी दिनों में और अधिक महिलाओं के जुड़ने की संभावना है। स्थानीय लोगों का मानना है कि कंचन गुप्ता की यह पहल ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ने,आत्मनिर्भर बनाने और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने की दृष्टि से एक सराहनीय एवं प्रेरणादायक कदम साबित होगी।
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