जंगल में मवेशी चराने गए ग्रामीण की बाघ के हमले में मौत, शव बरामद, क्षेत्र में दहशत का माहौल
केएमबी ब्यूरो श्रावण कामड़े
बिछुआ (छिंदवाड़ा)। बिछुआ विकासखंड के ग्राम सुर्रेवानी निवासी एक ग्रामीण की बाघ के हमले में मौत होने की आशंका है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार ग्राम सुर्रेवानी निवासी फागलाल धुर्वे (पिता सुखलाल धुर्वे) 8 जुलाई को मवेशी चराने जंगल गए थे, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटे। परिजनों द्वारा सूचना दिए जाने पर गुरुवार 9 जुलाई की सुबह लगभग 8 बजे वन विभाग ने खमारपानी बफर क्षेत्र के कोकीवाड़ा बीट में सर्च अभियान शुरू किया।
सर्चिंग के दौरान सुबह करीब 11 बजे कोकीवाड़ा बीट के कक्ष क्रमांक 1495 में फागलाल धुर्वे का शव बरामद हुआ। सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और पंचनामा सहित आवश्यक कार्रवाई की गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिछुआ भेजा गया। पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया।
वन विभाग के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामला बाघ के हमले से मौत का प्रतीत हो रहा है। हालांकि अंतिम पुष्टि जांच और अन्य औपचारिक प्रक्रिया के बाद ही की जाएगी। मामले में अग्रिम कार्रवाई जारी है।
घटनास्थल पर पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी के क्षेत्र संचालक, सहायक वन संरक्षक (छिंदवाड़ा), अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), वन परिक्षेत्र अधिकारी खमारपानी (बफर), तहसीलदार बिछुआ तथा थाना प्रभारी बिछुआ सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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