गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में अव्यवस्थाओं पर भड़कीं की राज्यपाल
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गोरखपुर के दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 45वें दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय व्यवस्थाओं में भारी खामियां और भ्रष्टाचार देखकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सार्वजनिक मंच से सख्त लहजे में कहा कि "गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शहर है, यदि यहां भी इस तरह का भ्रष्टाचार और कमियां मिलेंगी, तो बाकी जगहों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है"।
राज्यपाल ने कैंपस के भीतर चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता और इंजीनियरिंग के स्तर को बेहद खराब बताया।उन्होंने हॉस्टलों के रख-रखाव, इंटरनेट की अनुपलब्धता, मेस और कैंटीन के खराब इंतजामों पर कड़ा ऐतराज जताया। गवर्नर ने हॉस्टलों में शराब, सिगरेट और यहाँ तक कि छात्रों के टिफिन में ड्रग्स मिलने जैसी गंभीर समस्याओं का जिक्र करते हुए प्रशासन को घेरा।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस के किचन का देर रात औचक निरीक्षण किया, जहां उन्हें खाने-पीने की सामग्रियों में भारी गड़बड़ियां मिलीं। उन्होंने खाद्य विभाग के अधिकारियों को बुलाकर भोजन के सैंपल एकत्र करवाए। स्थानीय जांच प्रणाली पर भरोसा न जताते हुए, उन्होंने एक अतिरिक्त सैंपल अपने साथ लखनऊ जांच के लिए ले जाने का फैसला किया। उन्होंने गुजरात का एक पुराना वाकया याद करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर सैंपल बदल दिए जाने का खतरा रहता है।
समारोह के मुख्य द्वार पर सुरक्षा प्रोटोकॉल और एंट्री को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई। इस विवाद और बदसलूकी के बाद पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कैंट इंस्पेक्टर संजय सिंह को निलंबित कर दिया। गवर्नर के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश में सियासी पारा चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्यपाल के इस वीडियो भाषण को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए भारतीय जनता पार्टी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'गवर्नेंस मॉडल' पर तीखा हमला बोला और इसे 'डबल इंजन की जगह ट्रबल इंजन' सरकार करार दिया है।
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