गौरीगंज से कावड़ियों का जत्था रवाना, स्टेशन परिसर हुआ शिवमय
अमेठी। सावन के पावन महीने में शिवभक्तों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। रविवार को गौरीगंज से लगभग सैकड़ों कावड़ियों का जत्था गाजे-बाजे और भक्ति गीतों के साथ रवाना हुआ। भगवा वस्त्र धारण किए शिवभक्तों के कंधों पर जल से भरी कावड़ और हाथों में डमरू, त्रिशूल देखकर पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
कावड़ियों का जत्था सुबह से ही गौरीगंज के विभिन्न मोहल्लों से एकत्र होना शुरू हो गया था। डमरू की थाप, शंखनाद और बोल बम, हर महादेव के जयकारों के साथ सभी कावड़िए जुलूस के रूप में गौरीगंज रेलवे स्टेशन पहुंचे। रास्ते भर स्थानीय लोगों ने कावड़ियों पर पुष्प वर्षा की और जगह-जगह शरबत, पानी व फल वितरित कर उनकी सेवा की।
रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही नजारा अद्भुत था। सैकड़ों की संख्या में मौजूद कावड़ियों के कारण स्टेशन परिसर पूरी तरह से केसरिया रंग में रंगा नजर आ रहा था। भजन मंडलियों द्वारा शिव तांडव और भोले के भजन गाए जा रहे थे। प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस और आरपीएफ के जवानों की तैनाती से यातायात सुचारू रहा।
कावड़ियों ने बताया कि वे हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने क्षेत्र के शिवालयों में जलाभिषेक करेंगे। कई कावड़िए 10-15 दिनों की पैदल यात्रा कर भोले को प्रसन्न करने निकले हैं। बुजुर्गों से लेकर युवा और बच्चे तक इस यात्रा में शामिल हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भी कावड़ियों का स्वागत किया। लोगों का कहना है कि कावड़ यात्रा सिर्फ धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि समाज में सेवा और एकता का प्रतीक भी है। प्रशासन ने भी कावड़ियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की है।
भक्तों की आस्था और समर्पण देखकर हर कोई अभिभूत था। वातावरण पूरी तरह से शिवमय हो गया था।
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