थाने से 200 मीटर दूर दो दोस्तों को मारी गोली, एक के सीने में फंसी गोली, दोनों पटना रेफर, बर्थडे पार्टी मनाकर लौट रहे थे दोनों युवक
केएमबी मुकुल बरनवाल
रघुनाथपुर (सीवान)। जिले में बेखौफ अपराधियों ने शनिवार की रात पुलिस व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए रघुनाथपुर थाना मुख्यालय से महज 200 मीटर की दूरी पर दो दोस्तों को गोली मार दी। अंधाधुंध फायरिंग में एक युवक के सीने में गोली फंस गई है, जबकि बीच-बचाव करने आए उसके साथी की कलाई में गोली लगी है। गंभीर हालत को देखते हुए स्थानीय डॉक्टरों ने दोनों को सीवान सदर अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया है। घायलों की पहचान रघुनाथपुर निवासी दिनेश पांडेय के 30 वर्षीय पुत्र राहुल कुमार पांडेय तथा रमाकांत वर्मा के 30 वर्षीय पुत्र सिद्धार्थ वर्मा के रूप में हुई है।
बर्थडे पार्टी से लौटते वक्त घात लगाकर हमला
मिली जानकारी के अनुसार, राहुल और सिद्धार्थ रघुनाथपुर बाजार स्थित एक होटल में अपने किसी परिचित की जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने गए थे। रात में जब दोनों बाइक से घर लौट रहे थे, तभी थाने से कुछ ही दूरी पर पहले से घात लगाए बैठे तीन बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित के अनुसार, बिना किसी बातचीत या चेतावनी के एक हमलावर ने पिस्टल निकाली और सीधे राहुल के सीने से सटाकर गोली चला दी। इस दौरान पास खड़े सिद्धार्थ ने राहुल को बचाने का प्रयास किया, जिससे गोली उसकी बाईं कलाई को चीरती हुई निकल गई। गोली लगते ही दोनों लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े, जिसके बाद हमलावर हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।
आनन-फानन में अस्पताल पहुंचे परिजन
गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े और दोनों को तुरंत रघुनाथपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पहुंचाया। राहुल के सीने में गोली धंसी होने और सिद्धार्थ की कलाई में गंभीर फ्रैक्चर को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत सीवान सदर अस्पताल भेजा। वहां भी स्थिति नाजुक बनी रहने पर दोनों को पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) के लिए रेफर कर दिया गया। राहुल की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।
पुरानी रंजिश का मामला: बीच-बचाव करने पर चल रहा था विवाद अस्पताल में घायल राहुल कुमार पांडेय ने बताया कि यह हमला पुरानी रंजिश का नतीजा है। राहुल के अनुसार, पिछले साल बाजार में कुछ लड़कों के बीच विवाद हुआ था, जिसमें उन्होंने बीच-बचाव किया था। इसी बात से नाराज होकर आरोपियों ने उस वक्त भी उनके सिर पर जानलेवा हमला किया था। इस मामले में पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। केस दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार उन पर हमला करने और हत्या करने की फिराक में घूम रहे थे।
पुलिस की सुस्ती पर फूटा स्थानीय लोगों का गुस्सा
घटनास्थल थाना परिसर से महज 200 मीटर की दूरी पर होने के बावजूद पुलिस के काफी देर से पहुंचने को लेकर स्थानीय नागरिकों और व्यवसायियों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद जब रघुनाथपुर थानाध्यक्ष रवि रंजन सिंह के सरकारी मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। लोगों का कहना है कि थाने की नाक के नीचे ऐसी दुस्साहसिक वारदात होना पुलिस की गश्ती और सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस मामले की छानबीन और फरार अपराधियों की पहचान में जुट गई है।
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