दीपावली 8 नवंबर को मनाने पर ज्योतिष महासभा की मुहर, लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष काल शाम 5:36 से रात 8 बजे तक श्रेष्ठ
देवलोक कॉलोनी। देवलोक कॉलोनी स्थित श्री ज्योतिष कार्यालय पर वैदिक सनातन ज्योतिष कर्मकाण्ड महासभा ट्रस्ट (रजि.) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी दीपावली पर्व की तिथि, पूजन विधि एवं विभिन्न शुभ मुहूर्तों को लेकर शास्त्रोक्त पंचांग गणना के आधार पर विस्तृत चर्चा की गई। महासभा के पदाधिकारियों एवं विद्वान ज्योतिषाचार्यों ने सर्वसम्मति से बताया कि इस वर्ष कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या का पावन दीपावली पर्व रविवार, 8 नवंबर को मनाया जाएगा।
महासभा अध्यक्ष ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय ने बताया कि दीपावली कार्तिक मास की अमावस्या का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व रखने वाला पर्व है। इस दिन माता महालक्ष्मी, भगवान गणेश, माता सरस्वती, भगवान कुबेर एवं श्री हनुमान जी की पूजा-अर्चना का विशेष विधान है।
महासभा के संरक्षक पंडित कमलेश कुमार घिल्ड़ियाल ने मार्तण्ड एवं ब्रजभूमि वैदिक पंचांग की गणना का हवाला देते हुए बताया कि अमावस्या तिथि 8 नवंबर रविवार को सुबह 11 बजकर 27 मिनट से प्रारंभ होकर 9 नवंबर सोमवार को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। वहीं, संस्थापक पंडित प्रेम प्रकाश मिश्रा ने बताया कि 8 नवंबर को प्रदोष काल में अमावस्या तिथि विद्यमान होने के कारण इसी दिन दीपावली मनाना शास्त्रोक्त रहेगा।
दीपावली पूजन के प्रमुख शुभ मुहूर्त
महासभा के परामर्शदाता पंडित दिनेश कुमार शास्त्री ने बताया कि दिवाकाल में चर-लाभ-अमृत चौघड़िया सुबह 8:06 बजे से दोपहर 12:10 बजे तक शुभ रहेगा।
पंडित प्रवीण तिवारी के अनुसार अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:34 बजे तक रहेगा। वहीं पंडित राज तिवारी ने ज्योतिष सम्राट पंचांग के अनुसार शुभ चौघड़िया दोपहर 1:32 बजे से 2:53 बजे तक बताया।
पंडित नवनीत त्रिवेदी ने बताया कि दीपावली पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदोष काल शाम 5:36 बजे से रात 8 बजे तक रहेगा। पंडित धीरज पाण्डेय के अनुसार रात्रि में शुभ-अमृत-चर चौघड़िया शाम 5:36 बजे से रात 10:31 बजे तक शुभ रहेगा।
पंडित राज पाण्डेय ने लाभ चौघड़िया रात्रि 1:49 बजे से 3:27 बजे तक तथा पंडित सतीश पाण्डेय ने शुभ चौघड़िया रात्रि 5:05 बजे से सुबह 6:45 बजे तक बताया।
वृष और सिंह लग्न में पूजन रहेगा विशेष फलदायी
पंडित हर्ष पाण्डेय ने बताया कि रात्रि के श्रेष्ठ लग्न में वृष लग्न शाम 6:04 बजे से रात 8:01 बजे तक रहेगा, जबकि सिंह लग्न मध्यरात्रि 12:34 बजे से रात्रि 2:50 बजे तक अत्यंत लाभप्रद रहेगा।
वहीं पंडित सुरेंद्र द्विवेदी ने राहुकाल शाम 4:30 बजे से 6 बजे तक बताया। उन्होंने विशेष रूप से पेट्रोलियम एवं कोयला कारोबार से जुड़े व्यापारियों के लिए इस अवधि में पूजन को शुभ बताया।
बैठक में महासभा के संरक्षक पंडित कमलेश कुमार घिल्ड़ियाल, संस्थापक पंडित प्रेम प्रकाश मिश्रा, परामर्शदाता पंडित दिनेश कुमार शास्त्री, ज्योतिर्विद पंडित सुबोध पाण्डेय, ज्योतिर्विद पंडित प्रीति पाण्डेय, पंडित राजनाथ मिश्रा, पंडित प्रवीण तिवारी, पंडित राज तिवारी, पंडित संदीप पाण्डेय, पंडित धीरज पाण्डेय, पंडित राज पाण्डेय, पंडित सतीश पाण्डेय, पंडित नवनीत त्रिवेदी, पंडित हर्ष पाण्डेय, पंडित अनमोल मिश्रा, पंडित सुरेंद्र द्विवेदी एवं सचिन कुमार एडवोकेट सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
महासभा ने सभी श्रद्धालुओं से शास्त्रोक्त विधि-विधान के अनुसार दीपावली पर्व मनाने तथा शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी एवं भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना करने की अपील की।
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