पारंपरिक डिग्री आधारित शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा में बढ़ी विद्यार्थियों की रुचि
केएमबी श्रावण कामड़े
छिंदवाड़ा। वर्तमान समय में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पारंपरिक डिग्री आधारित शिक्षा के साथ-साथ अब विद्यार्थी ऐसी शिक्षा की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे उन्हें सीधे रोजगार और व्यावहारिक कौशल प्राप्त हो सके। इसी कारण व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) के प्रति विद्यार्थियों की रुचि निरंतर बढ़ रही है।
इसी का एक उत्कृष्ट उदाहरण सांदीपनि विद्यालय खमारपानी में देखने को मिला, जहाँ विद्यार्थियों ने व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाया। विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों ने ड्रिप सिंचाई पद्धति एवं मल्चिंग (Mulching) तकनीक का प्रयोग कर सफलतापूर्वक सब्जी उत्पादन किया।
यह सम्पूर्ण कार्य विद्यालय के प्राचार्य यस डी पाटिल एवं नोडल अधिकारी छिदवाड़ा के डॉ फारूकी के मार्गदर्शन में व्यावसायिक प्रशिक्षक विनय कुमार सोनवाने के द्वारा हुआ। उनके कुशल नेतृत्व और व्यावहारिक प्रशिक्षण के कारण विद्यार्थियों ने खेत में स्वयं कार्य कर आधुनिक कृषि तकनीकों को सीखा।
उगाई गई फसलें
विद्यार्थियों ने टमाटर, बैंगन, मिर्च, तरबूज तथा डंगरे जैसी फसलों की सफलतापूर्वक खेती की और उनकी पहली हार्वेस्टिंग भी की। यह उपलब्धि विद्यार्थियों के लिए गर्व का विषय रहा।
Post a Comment