ग्राम प्रधान तारिक खान की अनूठी पहल, भटनी दादन के पंचायत भवन में गूंजेगी अब किताबों की आवाज
देसही देवरिया। कहते हैं कि अगर इरादे नेक हों और कुछ करने का जज्बा हो, तो सीमित संसाधनों में भी बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है देवरिया जनपद के देसही देवरिया विकास खण्ड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत भटनी दादन के कर्मठ ग्राम प्रधान तारिक खान ने।
अमूमन सरकारी फाइलों और बैठकों का केंद्र रहने वाले 'ग्राम पंचायत भवन' को प्रधान तारिक खान ने बच्चों और युवाओं के भविष्य संवारने के केंद्र में बदल दिया है। उन्होंने पंचायत भवन परिसर में ही बच्चों के लिए एक सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी (पुस्तकालय) की स्थापना की है। यह पहल न केवल जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि पूरे क्षेत्र में इसकी जमकर सराहना हो रही है।
भविष्य संवारने की ओर एक कदम
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी या ज्ञानवर्धक पुस्तकों के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए मुश्किल होता था। ग्राम प्रधान तारिक खान ने इस समस्या को समझा और पंचायत भवन में उपलब्ध स्थान का सदुपयोग करते हुए एक आधुनिक लाइब्रेरी तैयार करवाई।
इस लाइब्रेरी में बच्चों के लिए नैतिक शिक्षा, महापुरुषों की जीवनियां, ज्ञानवर्धक कहानियां, विज्ञान और सामान्य ज्ञान की पुस्तकों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भी पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई गई है।
प्रधान के 'विजन' की हो रही है चारों ओर प्रशंसा
ग्राम प्रधान तारिक खान के इस सराहनीय कार्य की गूंज पूरे देसही देवरिया विकास खण्ड और आस-पास के क्षेत्रों में सुनाई दे रही है। क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों, शिक्षकों और अभिभावकों ने इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में एक "क्रांतिकारी कदम" बताया है।
लोगों का कहना है कि "आमतौर पर प्रधान नाली-खड़ंजे के कार्यों तक सीमित रहते हैं, लेकिन तारिक अहमद ने बच्चों की शिक्षा और उनके बौद्धिक विकास को प्राथमिकता देकर एक नई मिसाल पेश की है।"
क्या कहते हैं ग्राम प्रधान तारिक खान?
इस पहल के बारे में बात करते हुए भटनी दादन के ग्राम प्रधान तारिक खान ने बताया कि:
"मेरा हमेशा से मानना रहा है कि एक उन्नत समाज का रास्ता शिक्षा से होकर ही गुजरता है। हमारे गांव के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है, बस उन्हें सही संसाधन और मार्गदर्शन की जरूरत है। पंचायत भवन में लाइब्रेरी खोलने का उद्देश्य यही है कि गांव के हर बच्चे को आसानी से किताबें उपलब्ध हो सकें और वे पढ़-लिखकर अपने परिवार व गांव का नाम रोशन कर सकें।"
भटनी दादन ग्राम पंचायत की यह पहल अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी एक "रोल मॉडल" बन गई है। उम्मीद है कि इस लाइब्रेरी से पढ़कर निकलने वाले बच्चे भविष्य में देश और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
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