अमेठी से सेना भर्ती कार्यालय हटाने पर सियासत तेज़, सांसद केएल शर्मा ने उठाया मुद्दा
अमेठी स्थित सेना भर्ती कार्यालय (एआरओ)को अयोध्या स्थानांतरित किए जाने के प्रस्ताव पर सियासत तेज़ हो गई है, अमेठी सांसद किशोरीलाल शर्मा ने इस मुद्दे को लोकसभा में नियम 377 के तहत उठाते हुए केंद्र सरकार से इस फ़ैसले पर पुनर्विचार की मांग की है, साथ ही उन्होंने रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर कार्यालय को यथावत अमेठी में बनाए रखने का आग्रह किया है।
सांसद ने कहा अमेठी का सेना भर्ती कार्यालय क्षेत्र के युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, यहां भर्ती रैली दस्तावेज़ सत्यापन मेडिकल परीक्षण और मार्गदर्शन जैसी सभी प्रतिक्रिया एक ही स्थान पर होती है, जिससे युवाओं को बड़ी सहूलियत मिलती है। उन्होंने बताया कि इस कार्यालय के माध्यम से हजारों युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने का अवसर मिल चुका है। उन्होंने ये भी कहा कि अमेठी, सुल्तानपुर, रायबरेली समेत आसपास के जिलों के युवाओं की सेना में भर्ती की एक लम्बी परंपरा रही है। ऐसे में यदि कार्यालय को अयोध्या स्थानांतरित किया जाता है तो अभ्यर्थियों को लम्बी दूरी तय करनी पड़ेगी,जिससे आर्थिक बोझ ओर बढ़ेगा और खास कर ग्रामीण व कमज़ोर वर्ग के युवाओं को दिक्कत होगी। सांसद के अनुसार वर्ष 1988 में स्थापित इस एआरओ के अंतर्गत 13 जनपद आते हैं। प्रस्तावित स्थानांतरण से क्षेत्र में असंतोष और चिंता का माहौल है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि युवाओं के हित और जरूरतों को देखते हुए इस निर्णय को वापस लिया जाए।
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