मिट्टी की जांच से ही फसल में पोषक तत्वों की पूर्ति की जा सकती है- प्रभात सिंह
अमेठी। जिस प्रकार मनुष्य को स्वस्थ रहने के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है ठीक उसी प्रकार गुणवत्ता पूर्ण उपज के लिए खेत की मिट्टी में पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। खेत की मिट्टी में पोषक तत्वों की उपलब्धता की जानकारी मिट्टी की जांच से होती है। यह जानकारी कृषि विशेषज्ञ एवं आई टी सी मार्स समन्वयक प्रभात सिंह ने सिंहपुर क्षेत्र के पूरे भुलैया चौराहे पर स्थित भवन का पुरवा फॉर्मर प्रोड्यूसर कंपनी के कार्यालय पर आयोजित कृषक गोष्ठी में आए किसानों को संबोधित करते हुए दी।
प्रभात सिंह द्वारा कृषक गोष्ठी में मृदा परीक्षण पर विशेष जोर दिया गया, जिसका उद्देश्य मिट्टी की उर्वरता जांचकर संतुलित खाद के प्रयोग से कृषि लागत घटाना और फसल उत्पादन बढ़ाना है। कृषि विशेषज्ञ ने मिट्टी का नमूना लेने की वैज्ञानिक विधि समझाई और मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत मृदा परीक्षण के फायदे बताए। मृदा परीक्षण के महत्व पर चर्चा करते हुए नितांत ओझा फील्ड असिस्टेंट विलग्रो ने किसानों को बताया कि मिट्टी की जांच से उसमें मौजूद पोषक तत्वों (जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम) की सही जानकारी मिलती है।उन्होंने बताया कि किसान भाई अपने खेत के अलग-अलग कोनों और मध्य से मिट्टी का नमूना इकट्ठा करें और इकट्ठा नमूने से 200 ग्राम मिट्टी जांच के लिए दें। ताकि परिणाम सटीक आएं। उन्होंने मिट्टी के परीक्षण के आधार पर, केवल आवश्यक मात्रा में खाद और उर्वरक का उपयोग करने की सलाह दी। जिससे लागत में कमी आएगी।मृदा स्वास्थ्य कार्ड कार्ड पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दिए गए सुझावों के अनुसार, फसलों के लिए पोषक तत्वों का प्रयोग हो जिससे मिट्टी की सेहत सुधरेगी, परिणाम स्वरूप फसल उत्पादन बढ़ेगा और रसायनों के अनावश्यक प्रयोग से भूमि को बचाया जा सकेगा। यह कार्यक्रम किसानों को अपनी मिट्टी की क्षमता को समझने और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित किया गया है। गोष्ठी के अंत में भवन का पुरवा फॉर्मर प्रोड्यूसर कंपनी के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश शुक्ल ने सभी किसानों का आभार जताया।इस अवसर पर नितांत ओझा, अर्जुन सिंह भदौरिया, रमाकांत शुक्ला, नरेंद्र पाण्डेय, सुरेश सिंह, मोहित रावत, मार्कण्डेय चावला, डॉक्टर अजय प्रजापति, पुन्नू बाजपेई, राम कुमार पासी, अब्बास खान, राम किशोर, अरविंद तिवारी, राजकुमार सिंह, अशोक सैनी, शिवशंकर सिंह, अरुण सिंह, अरविंद सिंह, छंगू तिवारी, गुड्डू रावत, सत्यम पाण्डेय, अवधेश पांडेय, अरविंद तिवारी झा आदि बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
Post a Comment