फिजिक्स के छात्र सूर्यांश ने किया कमाल, राष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिता में हासिल किया दूसरा स्थान
अमेठी। जगदीशपुर क्षेत्र के छोटे से गांव पूरे रूदी लाल निवासी आलोक श्रीवास्तव के पुत्र व इंडोरामा स्कूल के होनहार छात्र सूर्यांश श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित ‘विद्यार्थी विज्ञान मंथन’ प्रतियोगिता में सेंट्रल ज़ोन में दूसरा स्थान प्राप्त कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
सूर्यांश ने बातचीत के दौरान बताया कि प्रतियोगिता में जाने से पहले उन्होंने किसी बड़े परिणाम की उम्मीद नहीं की थी, क्योंकि इसमें लिखित परीक्षा नहीं बल्कि प्रतिभा, तर्कशक्ति और गतिविधियों के आधार पर चयन किया जाता है। उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ ईश्वर और अपनी मेहनत पर भरोसा था, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। आईआईटी गांधीनगर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ सऊदी अरब, ओमान, कतर और कुवैत से आए छात्रों से मुलाकात का अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा। उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों ने यादगार के रूप में उनकी शर्ट पर हस्ताक्षर किए और अपनी-अपनी देशों की करेंसी भी भेंट की। सूर्यांश ने कहा कि वहां भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व का क्षण था।
प्रतियोगिता के सबसे कठिन चरण के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि “क्रिटिकल थिंकिंग” राउंड में दिए गए पजल को वह पूरी तरह हल नहीं कर सके। उनका मानना है कि यदि वह चरण बेहतर जाता तो शायद पहला स्थान भी हासिल कर लेते।
सम्मान समारोह को याद करते हुए सूर्यांश ने कहा कि देश-विदेश के वैज्ञानिकों, आईआईटी और एनसीईआरटी के प्रोफेसरों से मिलना उनके जीवन का अविस्मरणीय पल रहा। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता रेनू श्रीवास्तव जो पेशे से शिक्षिका है व पिता और शिक्षकों, विशेषकर फिजिक्स शिक्षक के मार्गदर्शन को दिया। ग्रामीण और छोटे शहरों के विद्यार्थियों को संदेश देते हुए सूर्यांश ने कहा कि प्रतिभा हर किसी के अंदर होती है, जरूरत सिर्फ उसे पहचानने और लगातार मेहनत करने की है। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी सक्रिय रहकर उन्होंने समय प्रबंधन सीखा।
सूर्यांश ने बताया कि प्रतियोगिता में जाने से पहले ट्रेन टिकट कंफर्म न होने से उन्हें लगा था कि शायद वह नहीं जा पाएंगे, लेकिन माता-पिता के प्रोत्साहन से वह हवाई जहाज से पहुंचे और सफलता हासिल की।
भविष्य की योजनाओं पर उन्होंने कहा कि उनकी विशेष रुचि फिजिक्स में है और वह आईआईटी में प्रवेश लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं। फिलहाल उनका लक्ष्य 12वीं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करना और आगे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर अपने माता-पिता व क्षेत्र का नाम रोशन करना है।
बुधवार को घर पहुंचने पर सूर्यांश का क्षेत्र के संभ्रांत लोगों व शुभचिंतकों ने फूल-माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर जोरदार स्वागत किया। इस दौरान तरुण त्रिपाठी, सुमित यादव, राकेश यादव, नदीम अहमद, सोहराब, कुलदीप श्रीवास्तव, राजू, इफ्तिखार खान, प्रदीप तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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