धान-गेहूं भुगतान विवाद में कांग्रेस जिलाध्यक्ष का कथन सही साबित! लिखित समझौते से थमा विवाद
तिलोई, अमेठी। धान-गेहूं खरीद-फरोख्त को लेकर पिछले दिनों कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल और व्यापारी इबरार अहमद के बीच सामने आया विवाद आखिरकार आपसी सहमति से समाप्त हो गया। दोनों पक्षों के बीच हुए लिखित समझौते ने इस मामले को नया मोड़ दे दिया है।समझौता पत्र के अनुसार, इबरार अहमद ने स्वयं स्वीकार किया कि उन्होंने फ्लोर मिल से 3 लाख रुपये अग्रिम प्राप्त किए थे। बाद में गेहूं की आपूर्ति के बदले 1.96 लाख रुपये का समायोजन कर लिया गया, जबकि शेष 1.04 लाख रुपये 25 से 30 दिनों के भीतर लौटाने की लिखित सहमति दी गई है। इस दस्तावेज़ पर दोनों पक्षों के साथ गवाहों के भी हस्ताक्षर मौजूद हैं।गौरतलब है कि शिकायत सामने आने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने शुरुआत से ही दावा किया था कि उनके पास पूरे लेन-देन के दस्तावेज़ मौजूद हैं और जांच होने पर सभी तथ्य सामने आ जाएंगे। अब लिखित समझौते में अग्रिम भुगतान और बकाया राशि का उल्लेख उनके दावे को मजबूती देता हुआ दिखाई दे रहा है।
सूत्रों का कहना है कि समझौते के बाद दोनों पक्षों ने विवाद को समाप्त मान लिया है। स्थानीय स्तर पर भी इस घटनाक्रम को इस रूप में देखा जा रहा है कि बातचीत और दस्तावेज़ी सहमति के जरिए मामले का समाधान निकल आया। यह खबर उपलब्ध समझौता पत्र और दोनों पक्षों के सार्वजनिक बयानों के आधार पर है।
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