एसबीआई बैंक बिछुआ में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, टीआई सतीश उईके ने दिए बचाव के महत्वपूर्ण सुझाव
बिछुआ। स्थानीय एसबीआई बैंक बिछुआ में साइबर सुरक्षा एवं ऑनलाइन ठगी से बचाव के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में थाना प्रभारी (टीआई) सतीश उईके एवं एसआई प्रमोद पांचे ने उपस्थित नागरिकों को साइबर अपराधों से बचने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। टीआई सतीश उईके ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी फर्जी कॉल, मैसेज, व्हाट्सएप लिंक, सोशल मीडिया, केवाईसी अपडेट, लॉटरी, निवेश योजनाओं और तथाकथित "डिजिटल अरेस्ट" जैसी नई-नई तरकीबों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी, बैंक खाते की जानकारी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और ऑनलाइन लेनदेन के दौरान पूरी सतर्कता बरतें।
उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है, तो बिना देर किए तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर पीड़ित की राशि बचाई जा सके। इस अवसर पर एसबीआई बैंक के शाखा प्रबंधक आकाश लाजरस ने कहा कि बैंक कभी भी अपने ग्राहकों से फोन, मैसेज या ई-मेल के माध्यम से ओटीपी, एटीएम पिन या अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी नहीं मांगता। यदि इस प्रकार का कोई कॉल या संदेश प्राप्त हो, तो उसे नजरअंदाज करें और तत्काल बैंक अथवा पुलिस को सूचित करें।
कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिछुआ में इलाज हेतु आए मरीजों, ग्रामीणजनों एवं अस्पताल स्टाफ को भी साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन ठगी की पहचान तथा सुरक्षित डिजिटल लेनदेन के संबंध में जानकारी देकर जागरूक किया गया। उपस्थित सभी लोगों से अपील की गई कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। कार्यक्रम में एसआई जियालाल पांचे, प्रमोद धुर्वे बैंक के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने एवं दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।
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