कृषि विज्ञान केन्द्र में एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न, किसानों को वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती की दी गई जानकारी
छिंदवाड़ा। एस फाउंडेशन समर्थित समेकित ग्रामीण आजीविका परियोजना के अंतर्गत बिछुआ विकासखंड के 7 गांवों के 40 किसानों एवं एन. एम. सद्गुरु वाटर एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन के 6 कर्मचारियों के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके), छिंदवाड़ा के प्रांगण में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. आर. के. झाड़े ने जलवायु परिवर्तन, सतत कृषि (Sustainable Agriculture) एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों को बदलती जलवायु के अनुरूप आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. रिया ठाकुर एवं डॉ. चंचल भार्गव ने अदरक, हल्दी एवं तुअर की वैज्ञानिक खेती, उन्नत उत्पादन तकनीक, बीज उपचार, पोषक तत्व प्रबंधन तथा कीट एवं रोग नियंत्रण की विस्तृत जानकारी दी।
वहीं भारतीय किसान संघ के जिला एवं प्रांत मंत्री श्री राहुल वसुले तथा श्री मेरसिंह चौधरी ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के महत्व, स्थानीय संसाधनों के उपयोग तथा रसायन-मुक्त खेती के लाभों पर किसानों का मार्गदर्शन किया।
समापन अवसर पर एन. एम. सद्गुरु वाटर एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन के श्री अविनाश डोंगरे ने किसानों से प्रशिक्षण में प्राप्त तकनीकी जानकारियों एवं सुझावों को अपने खेतों में व्यवहारिक रूप से अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती का समन्वय किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाएगा। उन्होंने सभी विशेषज्ञों, अतिथियों तथा प्रशिक्षण में सहभागी किसान भाइयों एवं बहनों का आभार व्यक्त करते हुए उनके सक्रिय सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम में किसानों ने विशेषज्ञों से कृषि संबंधी समस्याओं पर चर्चा कर समाधान प्राप्त किया तथा जलवायु अनुकूल एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लिया।
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