जमात-ए-इस्लामी हिन्द की ओर से सुल्तानपुर में सीरत कॉन्फ्रेंस आयोजित
सुल्तानपुर। जमात-ए-इस्लामी हिन्द, सुल्तानपुर यूनिट की ओर से रविवार को जलास मैरिज लॉन के सभागार में सीरत कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना ताहिर मदनी (आज़मगढ़) ने की, जबकि संचालन मौलाना रैयान क़ासमी (मीरापुर, सुल्तानपुर) ने किया।
कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए
मौलाना मुहम्मद उस्मान क़ासमी ने अपने संबोधन में कहा कि हज़रत मुहम्मद ﷺ पूरी मानवता के लिए रहमत बनकर आए। आपने अपनी तालीमात के ज़रिये नशाखोरी, बेटियों की हत्या, अन्याय और सामाजिक बुराइयों का उन्मूलन किया तथा इंसान को इज़्ज़त, बराबरी और रहमत का पैग़ाम दिया।
उन्होंने कहा कि आज समाज को सीरत-ए-तैय्यबा से मार्गदर्शन लेने की सबसे अधिक आवश्यकता है। यदि हम हज़रत मुहम्मद ﷺ की शिक्षाओं पर अमल करें तो परिवार, समाज और पर्यावरण—तीनों में अमन, पाकीज़गी और इंसानियत का माहौल क़ायम हो सकता है। मौलाना शकील, मौलाना गनी, मौलाना मक़बूल क़ासमी, मौलाना सोहेल नदवी तथा
मौलाना सैय्यद आसिफ नक़वी (मुरादाबाद) ने कहा कि हज़रत मुहम्मद ﷺ की शिक्षाओं ने नशाखोरी, बेटियों की हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों पर रोक लगाने और इंसानियत, न्याय तथा नैतिक जीवन का मार्ग दिखाया। उन्होंने पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के संदेश पर भी प्रकाश डाला।
अध्यक्षीय संबोधन में मौलाना ताहिर मदनी ने कहा कि हज़रत मुहम्मद ﷺ की तालीमात इंसान को ज़ुल्म, निराशा और मायूसी से दूर रहने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सीरत-ए-तैय्यबा की शिक्षाओं पर अमल करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।गुफरान अहमद ने नातिया कलाम प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया जमाआत इस्लामी हिन्द के जिला अध्यक्ष डॉ कमालउद्दीन खान और |प्रोग्राम के संयोजक मास्टर लईक अहमद, ने सभी आये हुए लोगों का दिल से शुक्रिया अदा किया मुल्क के अमन चैन के लिए दुवा मांगी गई ||इस मौके पर राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ मार्गदर्शक शिक्षक नेता निज़ाम खान, शिया वेलफेयर एसोशियशन के अध्यक्ष हैदर अब्बास, अल्प संख्यक एडवोकेट सगठन के एम एच गौरी, इम्तियाज खान, नियाज अहमद, हादी खान, फैज उल्लाह अंसारी. हाजी मुहम्मद मुजतबा अंसारी, अज़ीम किदवाई, आमिल सिद्दीकी, सिप्टेन हुसैन आदि हजारों लोग मौजूद रहें
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