अहंकार ही विनाश का मूल कारण है- कृष्ण दास जी महाराज
अमेठी। कुकहा रामपुर अंतर्गत गडरियन पुरवा में बीते तीन दिनों से भागवत कथा चल रही है । गडरियन पुरवा निवासी राम लुटावन राजपूत ने अभी - अभी गया किया है तथा मंदिर में प्राणप्रतिष्ठा की है । सनातन धर्म में गया करने के बाद ब्रह्मभोज करने की प्रथा है इसीलिए रमेश लोधी ने भागवत कथा का आयोजन करवाया है ।पीठाधीश्वर कष्टहरी धाम खैराबीरू के महंत व कथा वाचक कृष्ण दास जी महाराज ने कथा के चौथे दिन महाराज परीक्षित के ऊपर कलियुग की दृष्टि से आने वाले अहंकार के बारे में बताते हुए कहा कि अहंकार ही विनाश का कारण है । जैसे ही महाराज परीक्षित ने सोने में रहने का आदेश कलियुग को दिया वैसे ही महाराज के मुकुट में प्रविष्ट होकर कलियुग ने परीक्षित की बुद्धि भ्रष्ट कर दी । परीक्षित ने बिना कुछ सोचें विचारे एक ऋषि के गले में मरा हुआ सर्प डाल दिया इस पर उसके शिष्य ने महाराज परीक्षित को सात दिन बाद सांप डसने का श्राप दे दिया । श्राप के डर से बचने के लिए महाराज परीक्षित संतो के पास गए तो उन्होंने इस पाप से बचने का उपाय बताया कि सात दिनों तक भागवत कथा सुनी जाए । उसके बाद ही महाराज परीक्षित का कल्याण संभव है । कथा व्यास पीठ कृष्ण दास जी महाराज ने लोगों को बताया कि हमको घमंड नहीं करना चाहिए बल्कि सरल बनना चाहिए जिससे हर व्यक्ति आपसे जुड़ सके। कथा में ओम प्रकाश राजपूत,बाबूलाल रावत मास्टर,ननकऊ आदि लोग मौजूद रहे ।
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