पंचतत्व में विलीन हुए रोडवेज परिसर स्थित हनुमानगढ़ी के पुजारी करुणा शंकर तिवारी
सुलतानपुर। बस स्टेशन के अंदर स्थित हनुमान जी के मंदिर पर बजरंगबली का पूजा पाठ करने के उपरांत शनिवार की शाम भंडारे का आयोजन चल रहा था। इसी बीच मंदिर के पुजारी करुणा शंकर तिवारी को हार्ट अटैक आया और उनकी अस्पताल ले जाया जाता है, जहां उनकी मौत हो गई। बस स्टेशन से लेकर मोहल्ले में मित्रों एवं शुभचिंतकों में शोक की लहर व्याप्त है। करुणा शंकर तिवारी काफी समय तक समाचार पत्र के वितरण के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे। मालूम हो कि करुणा शंकर तिवारी विगत कई वर्षों से रोडवेज परिसर स्थित हनुमानगढ़ी में पुजारी का काम करते चले आ रहे थे। प्रतिवर्ष 23 मई को हनुमान मंदिर के स्थापना दिवस के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष भी 22 मई को श्री रामचरितमानस पाठ का आयोजन किया गया और 23 तारीख को पूर्णाहुति एवं भंडारे का आयोजन था। हवन एवं पूर्णाहुति का कार्यक्रम सकुशल एवं विधि विधान से संपन्न होने के पश्चात भंडारे का कार्यक्रम चल ही रहा था। भंडारा अंतिम चरण था कि मंदिर के पुजारी करुणा शंकर तिवारी की अचानक तबीयत खराब हो गई जिससे वहां पर अफरा तफ़री का माहौल हो गया। आनन फानन में उनको मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहां पर चिकित्सकों ने चेकअप के पश्चात उन्हें मृत्यु घोषित कर दिया। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक आवास ले जाया गया। जहां पर 24 मई 2026 को आदि गंगा मां गोमती के पावन तट पर उन्हें मुखाग्नि दी गई और उनका शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। हनुमान मंदिर के पुजारी करुणा शंकर के इस तरह से अचानक चले जाने से मंदिर के सहयोगियों एवं अन्य शुभचिंतकों में शोक की लहर व्याप्त है। ईश्वर से विनम्र प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति दें।
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