सीवान में जाली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़, महिला समेत दो गिरफ्तार, गिरोह के कई सदस्य फरार
5.45 लाख की जाली नोट शाहिद नोट छापने में प्रयुक्त प्रिंटर मशीन व अन्य उपकरण बरामद
केएमबी मुकुल बरनवाल
सीवान। जिले की मैरवा थाना पुलिस ने सक्रिय पुलिसिंग के तहत शनिवार को जाली भारतीय मुद्रा छापने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पंडितपुरा गांव में छापेमारी कर 5 लाख 45 हजार रुपये मूल्य के लो-क्वालिटी जाली भारतीय नोट, नोट छापने में प्रयुक्त प्रिंटर मशीन, अन्य उपकरण तथा 88 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इस मामले में एक महिला समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में गिरोह के कई अन्य सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने बताया कि मैरवा थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के पंडितपुरा गांव में एक घर में जाली भारतीय मुद्रा छापने एवं उसके वितरण का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर-2 की अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरी कुमारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित मकान में छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में जाली भारतीय नोट बरामद हुए। बरामद नोटों में 500 रुपये के 750 नोट (3 लाख 75 हजार रुपये), 200 रुपये के 150 नोट (30 हजार रुपये) तथा 100 रुपये के 1400 नोट (1 लाख 40 हजार रुपये) शामिल हैं। इस प्रकार कुल 5 लाख 45 हजार रुपये के जाली नोट जब्त किए गए। इसके अलावा मौके से नोट छापने में प्रयुक्त प्रिंटर मशीन, नोट निर्माण से जुड़े अन्य उपकरण और 88 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए।
प्रारंभिक जांच में जाली नोट होने की पुष्टि
बरामद जाली मुद्रा और अन्य सामग्री का विधि विज्ञान (एफएसएल) टीम तथा लीड बैंक के प्रबंधक से सत्यापन कराया गया। प्रारंभिक जांच में बरामद मुद्रा के लो-क्वालिटी जाली भारतीय नोट होने की पुष्टि हुई है। पुलिस अब नोटों की छपाई में प्रयुक्त तकनीक, कागज, स्याही और इनके वितरण नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
पूछताछ में सामने आया गिरोह का नेटवर्क
गिरफ्तार महिला ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि वह अपने भाई मनु दुबे और पति राजकुमार दुबे के साथ मिलकर जाली नोट बनाने और बाजार में खपाने का काम करती थी। महिला से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई जिलों तक इसका नेटवर्क फैला हो सकता है।
पहले भी जेल जा चुके हैं आरोपी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार महिला पूर्व में रसूलपुर थाना कांड संख्या-128/18 में जाली नोट की आपूर्ति के मामले में जेल जा चुकी है। वहीं उसका पति राजकुमार दुबे भी मुफस्सिल थाना कांड संख्या-785/22 में जाली नोट आपूर्ति के मामले में जेल जा चुका है।
मुख्य आरोपी मनु दुबे का भी लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ गोरेयाकोठी, सिसवन, भगवानपुर हाट, मैरवा, मढ़ौरा, जी.बी.नगर तथा बनियापुर समेत विभिन्न थानों में जालसाजी, धोखाधड़ी, नकली नोट, चोरी और अन्य गंभीर धाराओं के कई मामले दर्ज हैं।
इन धाराओं में दर्ज हुई प्राथमिकी
इस मामले में मैरवा थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 178, 179, 342(1), 341(1), 319(2), 318(4), 338, 336(3) एवं 111(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
विशेष टीम ने की कार्रवाई
इस सफल कार्रवाई में सदर-2 की एसडीपीओ गौरी कुमारी, मैरवा अंचल पुलिस निरीक्षक रलेश कुमार वर्मा, मैरवा थानाध्यक्ष राहुल कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक लक्की आनंद, पुलिस अवर निरीक्षक कौशलेंद्र कुमार तथा मैरवा थाना के अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पूरे नेटवर्क तक पहुंचने में जुटी पुलिस
सीवान पुलिस का कहना है कि बरामदगी और पूछताछ से मिले साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि जाली नोटों की आपूर्ति किन-किन जिलों और राज्यों तक की जाती थी तथा इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपितों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।
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