कर्मयोगेश्वर श्री कृष्ण का पूरा जीवन मानव के लिए शोध का विषय बना हुआ है- पंडित उज्जल शास्त्री जी महाराज
विकासखंड सिंहपुर के उसरहा गांव में बीते चार दिनों से भागवत कथा चल रही है । श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन अयोध्यधाम से पधारे कथा व्यास पंडित उज्जल शास्त्री जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मार्मिक वर्णन किया।
अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास पंडित उज्जल शास्त्री जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का? वर्णन करते हुए कहा कि भगवान् बृज की रज अर्थात मिट्टी रोज खाते थे एक दिन श्री कृष्ण के भाई बलराम माँ यशोदा से शिकायत करते है तब माँ बाल कृष्ण के मुंह को देखती है तो श्री कृष्ण के मुख में पूरा ब्रह्मांड नजर आता है यह देख माँ यशोदा हैरान हो जाती है । भगवान श्रीकृष्ण गोपियों के घर माखन चुराने गए। प्रभु गोपियों की मनोकामना की पूर्ति के लिए घर-घर जाते हैं । माखन चुराने प्रभु अनेक प्रकार की लीलाएं कर सबके मन को मोहित करते हैं । कथा व्यास ने प्रभु श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं गोवर्धन पूजन ,अघासुर, धेनुकासुर का उद्धार व कालिया नाग की कथा का विस्तृत वर्णन किया।श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन सुन श्रोता भाव विभोर हो गए । उज्जल शास्त्री जी महाराज ने कहा कि कृष्ण ने जब प्रेम किया तो इतिहास बन गया और कुरुक्षेत्र के मैदान में पवित्र गीता का ज्ञान दिया तो भी इतिहास बन गया । कर्मयोगेश्वर श्री कृष्ण का संपूर्ण जीवन आज के मानवों के लिए शोध का विषय बना हुआ है । कथा के बीच- बीच में भजनों पर श्रोता झूमते नजर आए।इस दौरान कार्यक्रम में अरुण मिश्रा बद्री मिश्र हरि शंकर शुक्ला मनोज पांडेय रविन्द्र मिश्रा आकाश मिश्रा अवनीश तिवारी शिव चंद्र त्रिवेदी प्रभात बाजपेई सत्यदेव तिवारी ,दीपू शुक्ला आदि
बड़ी संख्या में श्रोतागण मौजूद रहे।
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