सरकारी अस्पताल में मुफ्त दवा के बजाय लिखी जाती है बाहर की महंगी दवाएं
अमेठी। संग्रामपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां आने वाले मरीजों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर सरकारी स्टॉक में उपलब्ध दवाओं के बजाय बाहर की महंगी दवाएं लिख रहे हैं, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त दवा मिलने की उम्मीद से वे यहां आते हैं, लेकिन उन्हें बाहर की मेडिकल दुकानों से दवा खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। कई मरीजों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में आवश्यक दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद डॉक्टर उन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं।इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब डॉक्टर द्वारा बाहर की दवा लिखे जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और मरीजों में आक्रोश बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार, सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध दवाओं को प्राथमिकता से मरीजों को दिया जाना चाहिए। ऐसे में यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि मरीजों के अधिकारों का भी हनन है।स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और अस्पताल में दवा वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की भी अपील की है।फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वायरल वीडियो के बाद जांच की संभावना जताई जा रही है।
Post a Comment