सिठोली-बहुआ मार्ग का संकरा पुल बना मुसीबत, हजारों लोगों की आवाजाही पर संकट, ग्रामीणों ने चौड़ा पुल निर्माण की उठाई मांग
जगदीशपुर/अमेठी। विकासखंड क्षेत्र के सिठोली ग्राम सभा से बहुआ ग्राम सभा को जोड़ने वाला पुल इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह पुल न केवल हजारों लोगों के दैनिक आवागमन का प्रमुख सहारा है, बल्कि कई गांवों को जोड़ने वाला अहम संपर्क मार्ग भी है। बावजूद इसके, पुल की संकीर्ण चौड़ाई लोगों के लिए लगातार परेशानी और जोखिम का कारण बनी हुई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे, किसान, मजदूर, व्यापारी और आम राहगीर बड़ी संख्या में गुजरते हैं, लेकिन पुल संकरा होने के कारण आवागमन में भारी दिक्कत होती है। खासकर दोपहिया, चारपहिया और कृषि कार्य में प्रयुक्त वाहनों के एक साथ निकलने में समस्या बढ़ जाती है। बरसात और भीड़भाड़ के समय यह स्थिति और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि पुल को जल्द से जल्द चौड़ा और मजबूत कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका भी कम हो।इस मामले पर वार्ड नंबर 11 के जिला पंचायत सदस्य सबूर अहमद ने कहा कि आजादी के बाद से इस मार्ग पर खड़ंजा तक नहीं था, जिससे लोगों को वर्षों तक भारी परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने बताया कि उनके प्रयासों से यहां खड़ंजा लगवाया गया, जिससे अब लोगों को आने-जाने में कुछ सहूलियत मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि पुल निर्माण और उसे चौड़ा कराने का मुद्दा पंचायत सदन में उठाया जा चुका है और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य के मुताबिक, यह पुल दो विधानसभाओं को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क बिंदु है, इसलिए इसका निर्माण और विस्तार क्षेत्रीय जरूरत के साथ-साथ जनहित का भी बड़ा मुद्दा है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब यह रास्ता इतने बड़े भूभाग और आबादी को जोड़ता है, तो यहां छोटा और संकरा पुल क्षेत्र के विकास पर भी सवाल खड़ा करता है। अब लोगों की नजरें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की पहल पर टिकी हैं कि आखिर कब इस पुल की समस्या का स्थायी समाधान निकलता है।
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