बैतालपुर में सवर्ण समाज ने यूजीसी बिल का किया विरोध, पुनर्विचार न होने पर लोकतांत्रिक आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी
देवरिया। बैतालपुर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के प्रांगण में रविवार को सवर्ण समाज ने यूजीसी बिल के विरोध में एक बैठक की। बैठक में बिल के प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए शिक्षा व्यवस्था पर इसके संभावित प्रभावों को लेकर चिंता व्यक्त की गई। इसके बाद बैतालपुर बाजार में सवर्ण जागरूकता रैली निकाली गई और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सर्वसम्मति से सरकार को ज्ञापन भेजने तथा आगे की रणनीति तय करने का निर्णय लिया गया।बैठक को संबोधित करते हुए अनिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि उच्च शिक्षण संस्थानों को सवर्ण विहीन बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज को अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करना होगा, अन्यथा भविष्य में गंभीर परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने "अब दौर बदलना होगा, जीना है तो लड़ना होगा" का आह्वान किया।
सूयश मणि त्रिपाठी ने आरक्षण व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि कम अंकों पर भी कुछ वर्गों के छात्रों को एमबीबीएस में प्रवेश मिल जाता है, जबकि सवर्ण समाज के युवाओं को अधिक अंक लाने के बाद भी बाहर रहना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि यूजीसी बिल उच्च शिक्षा की स्वायत्तता को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने सभी पक्षों से संवाद कर संतुलित निर्णय लेने की अपील की।
राकेश मणि ने चेतावनी दी कि यदि आवश्यकता पड़ी तो देश और प्रदेश में चुनाव के माध्यम से सरकार को सत्ता से हटाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज ने अब तक सरकार के सभी आदेशों का सम्मान किया है, लेकिन वे अब कथित अन्याय को स्वीकार नहीं करेंगे। सच्चिदा सिंह राणा ने शिक्षा में पारदर्शिता और समान अवसर पर जोर दिया।इस दौरान रवि प्रकाश मिश्रा, नित्यानंद उपाध्याय, भरत मणि, मार्कण्डेय मणि, गिरजेश मिश्रा, कपिल मुनी मणि तिवारी, छात्र संघ अध्यक्ष बालमुकुंद मिश्रा, अजय मणि, विनय पाण्डेय, संतोष श्रीवास्तव, सूर्य प्रकाश मणि, बृजेश मणि, राजीव मणि, अनिल मणि गुल्लू, नंदू मणि, अमूल्य रतन मणि, मुकेश राव, प्रवीण द्विवेदी पूच्चू, अजय पाण्डेय, भूपेंद्र मणि मंशु, दिनेश मणि, सतीश मणि, अनिल मणि, सोनू मणि, रमेश मणि, राहुल मणि, सुरेश मणि सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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