अस्पताल की पोल खोलना दिव्यांग दंपति को पड़ा भारी, स्वास्थ्य विभाग ने पीड़ित को ही बना दिया आरोपी
जगदीशपुर, अमेठी। सरकारी अस्पताल की अव्यवस्था उजागर करना एक दिव्यांग दंपति को भारी पड़ गया। इलाज के लिए पहुंचे दोनों पैरों से दिव्यांग पति-पत्नी को कथित रूप से व्हीलचेयर तक नहीं मिली। अपनी परेशानी का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया तो व्यवस्था सुधारने के बजाय स्वास्थ्य विभाग ने ही उनके खिलाफ जगदीशपुर थाने में तहरीर दे दी। करीब सात मिनट के वीडियो में दंपति अस्पताल में मदद के इंतजार में नजर आते हैं, लेकिन कोई कर्मचारी आगे नहीं आता। विभाग का दावा है कि स्ट्रेचर मौजूद था, जबकि स्थानीय लोगों का सवाल है कि क्या दोनों पैरों से दिव्यांग व्यक्ति बिना सहारे स्ट्रेचर पर चढ़ेगा?अब पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग की संवेदनहीनता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि कमियां दूर करने के बजाय सच बोलने वालों को डराया जा रहा है।फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि दिव्यांग दंपति को न्याय मिलेगा या व्यवस्था अपनी नाकामी पर पर्दा डाल देगी।
Post a Comment