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गौशालाओं की कमान स्थानीय महिलाओं को सौंपने की मांग, अमेठी प्रधान संघ का बड़ा प्रस्ताव: NGO नहीं, स्वयं सहायता समूह संभालें गौशालाएं

गौशालाओं की कमान स्थानीय महिलाओं को सौंपने की मांग, अमेठी प्रधान संघ का बड़ा प्रस्ताव: NGO नहीं, स्वयं सहायता समूह संभालें गौशालाएं

केएमबी गंगा प्रसाद प्रजापति 
अमेठी। जनपद की गौशालाओं के संचालन और प्रबंधन को लेकर अमेठी प्रधान संघ ने जिला प्रशासन के समक्ष एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। संघ ने मांग की है कि गौशालाओं का संचालन गैर-जनपदीय एनजीओ के बजाय स्थानीय स्वयं सहायता समूहों को सौंपा जाए, ताकि व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बन सके।सोमवार को प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी। ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में अधिकांश गौशालाओं का संचालन बाहरी संस्थाओं द्वारा किया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर निगरानी और जवाबदेही प्रभावित हो रही है।‘स्थानीय महिलाओं को मिलेगा रोजगार, बढ़ेगी जवाबदेही’प्रधान संघ का तर्क है कि यदि गौशालाओं की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को दी जाती है तो ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन भी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। संघ का मानना है कि स्थानीय समूह क्षेत्र की जरूरतों और परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझते हैं, जिससे व्यवस्थाओं में सुधार आएगा।भेटुआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत सुमेरपुर के प्रशासक प्रधान गोपाल यादव ने कहा कि स्थानीय समूह गांव की आवश्यकताओं और समस्याओं से भली-भांति परिचित होते हैं। ऐसे में गौशालाओं से जुड़ी सूचनाएं और आवश्यकताएं समय पर प्रशासन तक पहुंच सकेंगी तथा निर्णय प्रक्रिया भी अधिक सुगम होगी।पशुओं की बेहतर देखरेख का दावा
प्रधान संघ ने कहा कि स्थानीय स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गौशालाओं का संचालन होने पर पशुओं की देखरेख और रखरखाव की गुणवत्ता में सुधार होगा। स्थानीय भागीदारी बढ़ने से समस्याओं का समाधान भी शीघ्रता से किया जा सकेगा और गौशालाओं के संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
जिलाधिकारी से की नीति में बदलाव की मांग,ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया है कि गौशालाओं का आवंटन प्राथमिकता के आधार पर स्वयं सहायता समूहों को दिया जाए। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ गौसंरक्षण की दिशा में भी एक प्रभावी कदम साबित होगी।ज्ञापन सौंपने के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए कई ग्राम प्रधान और प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। प्रधान संघ ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करेगा और गौशालाओं के संचालन में स्थानीय भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।

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